जमीयत उलमा हिंद के महासचिव बोले- पहलू मामले को हिंदू-मुस्लिम विवाद से न जोड़ें
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जमीयत उलमा हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन ने कहा कि जयसिंहपुर गांव के निवासी पहलू के मर्डर के मामले को समाज के लोग हिंदू मुस्लिम विवाद से न जोड़ें। मौलाना हकीमुद्दीन बुधवार को मलाई गांव में स्थानीय मीडिया से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पहलू का मर्डर तथाकथित शरारती तत्वों ने तथाकथित गोरक्षकों ने किया है। इसमें हिंदू मुस्लिम झगडे़ का कोई रूप नहीं है। कानून अपना काम करेगा। उन्होंने बताया कि पहलू मर्डर के मामले में वे पीड़ित परिवार से मिले हैं तथा जमीयत उलमा हिंद मृतक पहलू के परिवार को हर संभव मदद देगी।
कोर्ट ट्रायल में भी जमीयत उलमा हिंद के लीगल एक्सपर्ट दोषियों को सजा दिलाने के लिए वकालत करेंगे। उन्होंने कहा कि चूंकि निर्दोष पहलू का मर्डर हुआ है हम उसके साथ हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि यदि किसी हिंदू परिवार के साथ कोई जुल्म होता है तो हम उसका भी हर संभव सहयोग व सहायता करेंगे।
सभी समाजों के लिए गोहत्या एक अपराध
उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार व केंद्र सरकार से मांग की गई है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच करके सभी दोषियों को अरेस्ट किया जाए तथा सजा दिलाने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि जमीयत उलमा हिंद ने पहले ही स्पष्ट किया हुआ है कि भारत में गोहत्या अपराध है। मुस्लिम समाज को ही नहीं सभी समाजों को मुल्क के कानून को मानना चाहिए।
इसके अलावा देवबंध से भी गोहत्या के खिलाफ फतवा जारी हो चुका है जोकि पूरे देश के आलिमों के पास है। उन्होंने एक बार फिर मुस्लिम समाज से अपील की है कि वे गोहत्या जैसे अपराध में शामिल न हों।
गोहत्या का अपराध न केवल दीनी एतबार से बल्कि कानूनी एतबार से भी अपराध है। उन्होंने कहा कि शरारती तत्वों की शरारतों से सद्भाव नहीं बिगड़ना चाहिए।