जलियांवाला बाग विवाद पर संस्कृति मंत्रालय: 31 पीड़ित परिवारों के अनुभवों और सुझावों के आधार पर तैयार करेंगे गैलरी, उन्हें नहीं कोई आपत्ति
संस्कृति मंत्रालय का कहना है कि जलियांवाला बाग परिसर का अत्यंत सम्मान के साथ पुनर्निर्माण किया गया है। रख-रखाव के अभाव में परिसर और स्मारक स्थल बेहद खराब हालत में थे।
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जलियांवाला बाग को लेकर उठे विवाद पर संस्कृति मंत्रालय ने सभी आरोपों को झुठलाया है। मंत्रालय का कहना है कि पुनर्निमाण को लेकर उस घटना में मारे गए पीड़ितों के परिवारों को इससे कोई आपत्ति नहीं है। मंत्रालय 31 पीड़ित परिवारों के संपर्क में हैं। यदि वे चाहेंगे तो पीड़ितों के लिए अलग से गैलरी भी बनाई जाएगी।
जलियांवाला बाग परिसर का अत्यंत सम्मान के साथ पुनर्निर्माण किया गया है। रख-रखाव के अभाव में परिसर और स्मारक स्थल बेहद खराब हालत में थे। मंत्रालय का कहना है कि परिसर को संरक्षण की सख्त जरूरत थी।
मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा ''पुनर्निर्मित किया गया है, ताकि इसे भावी पीढ़ी के लिए संरक्षित किया जा सके। एएसआई ही देश में विश्व धरोहर स्थलों की मरम्मत करता है।
जलियांवाला बाग स्थित कुंए के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। उसके अंदर गंदे पानी और कचरे को साफ करके, चारों ओर पारदर्शी शीट लगाई गई है, ताकि कोई कचरा न फेंके। इसके अलावा अंदर जो फाउंटेन था, उसके स्थान पर छोटा तलाब बनाया गया है।
दीवारों पर जहां गोलियों के निशान थे, समय बीतने के साथ वह दीवार बेहद जर्जर हालात में थी। उसे थोड़ा ठीक करके गोली वाले स्थान पर चौकोर घेरा बनाया गया था, ताकि वो दर्शकों को दिख सकें।
वहीं, नरसंहार के दिन की घटना का वर्णन करने वाले 'साउंड एंड लाइट शो के तहत एक "मार्मिक" साउंडट्रैक चुना गया है। इसके अलावा चार गैलरी में अलग-अलग घटनाओं को समर्पित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों चार नई दीर्घाओं और पुनर्निर्मित स्मारक का उद्घाटन किया था। इस स्मारक को लगभग डेढ़ वर्ष पहले पुनर्निर्माण के लिए बंद किया गया था। इसी के बाद सरकार पर लगातार आरोप चल रहे हैं।
ब्रिटेन के सैनिकों ने पंजाब के जलियांवाला बाग में 13 अप्रैल, 1919 को एकत्रित हुए उन हजारों लोगों की निहत्थी भीड़ पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं थीं जो रॉलेट एक्ट के खिलाफ राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के तहत वहां जुटे थे। इसमें एक हजार से अधिक लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हो गए थे।