फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   IT sector and startup will have spend a thousand million for "Gurugram '

आईटी सेक्टर और स्टार्टअप को एक हजार करोड़ का पड़ेगा 'गुरुग्राम'

Thu, 29 Sep 2016 12:02 AM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Thu, 29 Sep 2016 12:02 AM IST
विज्ञापन
IT sector and startup will have spend a thousand million for "Gurugram '
गुड़गांव मेट्रो विस्तार - फोटो : अमर उजाला

हरियाणा सरकार ने गुड़गांव को गुरुग्राम घोषित कर दिया है। केंद्र सरकार से मंजूरी भी मिल गई है। भले ही नाम के बदलाव को लेकर मौजूदा भाजपा सरकार जायज ठहरा रही हो, लेकिन गुड़गांव का नाम बदलने से प्रदेश की ब्रांडिंग को झटका लगेगा। 

विज्ञापन


सामान्य सी लगने वाली यह बात मल्टीनेशनल कंपनियों को काफी अखर रही है। आईटी-बीपीओ कंपनियों को भी नए सिरे से अपने नाम के साथ शहर की ब्रांडिंग करनी होगी। 
विज्ञापन


आईटी सेक्टर को करीब 1000 करोड़ रुपये का झटका 
दरअसल, सत्ता में भाजपा के आने के बाद प्रदेश आइकन कहे जाने वाले गुड़गांव के नाम बदलने को लेकर सरगर्मी शुरू हो गई थी। 13 अप्रैल को प्रदेश सरकार ने नाम में बदलाव करने पर मुहर लगा दी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अब केंद्र सरकार ने नाम बदलने की मंजूरी दे दी है। हालांकि लोगों को उम्मीद थी कि साइबर सिटी, मिलेनियम सिटी जैसे नामों से जाना जाने वाला गुड़गांव का नाम बदलने पर केंद्र सरकार नहीं मानेगी। आईटी, बीपीओ और उद्योग जगत के लोगों ने भी इस बाबत मांग भी की थी, लेकिन इसका कोई फर्क नहीं पड़ा।

यहां के आईटी-बीपीओ, कॉरपोरेट और गारमेंट उद्योग का कारोबार अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन समेत अन्य यूरोपीय देशों में है। वहां गुड़गांव ब्रांड प्रसिद्ध है। अब गुरुग्राम होने से पुरानी ब्रांडिंग को खत्म करने के साथ नए सिरे से नई कवायद में जुड़ना होगा। 

एक दशक से साइबर सिटी में आईटी-बीपीओ सेक्टर की हालत ठीक नहीं है। अब सरकार ने गुड़गांव को गुरुग्राम नाम देकर उनके समक्ष एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है। आईटी-बीपीओ के अलावा प्रदेश सरकार को भी गुरुग्राम करोड़ों का पड़ेगा। सरकार को करोड़ों रुपये खर्च करने होंगे।

सरकार ने निवेशकों को दिखाया था गुड़गांव ब्रांड

IT sector and startup will have spend a thousand million for "Gurugram '
गुड़गांव
अब कंपनियों को देश-विदेश में अपने साइन बोर्ड, वेबसाइट, ब्रॉशर, सर्च इंजन सहित अन्य कई स्थानों पर गुड़गांव का नाम बदलना होगा। आईटी सेक्टर के विशेषज्ञ व हाइटेक इंडिया के अध्यक्ष प्रदीप यादव ने कहा कि सरकार ने कंपनियों को नई मुसीबत में डाल दिया है।
 
ब्रांडिंग की नई कवायद में इन कंपनियों को चरणबद्ध खर्च करने होंगे। पहले चरण में 500 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे। इसके बाद और खर्च होगा। यह काम काफी कठिन है। इस सेक्टर द्वारा गुड़गांव नाम को ब्रांड में स्थापित करने के लिए काफी मेहनत और खर्चा करना पड़ा था। मगर वह फिर से उसी मुकाम पर आकर खड़े हो गए हैं। 
 
सरकार ने निवेशकों को दिखाया था गुड़गांव ब्रांड
हरियाणा सरकार द्वारा मार्च में आयोजित ग्लोबल इंवेस्टर समिट में गुड़गांव ब्रांड को आइकन के तौर पर पेश किया गया। विदेशों में मुख्यमंत्री के हालिया दौरे में उन्होंने सबके सामने गुड़गांव को पेश किया और निवेशकों को आमंत्रित किया। 

लेकिन अब नाम बदलने से हरियाणा सरकार को भी निवेश में झटका लगा सकता है। नैसकॉम के एक पूर्व अधिकारी कहते हैं कि सभी तो गुड़गांव को जानते हैं। निवेशकों ने जो भी निवेश का प्लान तैयार किया था। जो भी डॉक्यमेंट बने थे, वो गुड़गांव के नाम से।  

हार्वा बीपीओ के सीईओ अजय चतुर्वेदी कहते हैं कि प्रदेश सरकार ने गुड़गांव को गुरुग्राम नाम देने का गलत समय चुना है। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान उसने गुड़गांव ब्रांड बनाया था। 

यहां की कंपनियों को देश-विदेश में नए सिरे से ब्रांडिंग करनी होगी। सबसे ज्यादा प्रभाव नए स्टार्टअप पर पड़ेगा। जो गुड़गांव के नाम से दूसरे शहरों में जा रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed