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यहां कभी भी हो सकता है तिहाड़ जैसा खूनी गैंगवार

Wed, 26 Aug 2015 11:34 PM IST
मनोज कुमार/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
मनोज कुमार/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Wed, 26 Aug 2015 11:34 PM IST
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It might also like Tihar bloody gang war

दिल्ली के तिहाड़ जैसी ही घटना किसी भी दिन गौतमबुद्धनगर में हो सकती है। जिला कारागार वैन में कई बार कैदियों की आपस में मारपीट हो चुकी है। गौतमबुद्धनगर में दो से तीन गैंग हैं जिनके बीच गैंगवार चली आ रही है। जिला अदालत में पहले भी गैंगवार की कई घटनाएं हो चुकी हैं लेकिन पुलिस अभी भी सतर्क नहीं है।

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दरअसल, पिछले कुछ दिनों से तिहाड़ जेल में बंदियों की आपस में मारपीट और हत्या की वारदात हो चुकी है। इन वारदात से गौतमबुद्धनगर की पुलिस को सबक लेने की जरूरत है। जिले की लुकसर जेल से हर रोज काफी बंदी पेशी पर जाते हैं। इनमें कई बार विरोधी गैंग के बदमाश पेशी पर एक साथ लाए जाते हैं।
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पेशी के दौरान उनके परिजन और समर्थक अदालत के आसपास एकत्र हो जाते हैं। कई बार तो पुलिस ने कुछ युवकों को हथियारों के साथ दबोचा है। करीब डेढ़ साल पहल पेशी पर आए एक कैदी को एक बदमाश ने मार गिराया था। इसके बाद भी अदालत की सुरक्षा एक दारोगा और छह सिपाहियों के भरोसे है। करीब एक माह पहले जिला अदालत में खड़ी जेल वैन में तीन बदमाशों के बीच जमकर मारपीट हुई थी।
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अलग-अलग लाएं विरोधी बंदियों को

अधिवक्ता डॉ. देव भाटी और मनोज भाटी का कहना है कि अदालत की सुरक्षा राम भरोसे है। जब पुलिस और जेल प्रशासन को पता होता है कि उक्त दो पक्षों में गैंगवार चल रही है तो ऐसे बंदियों को एक साथस एक ही वैन में क्यों लाया जाता है। उन्हें अलग-अलग वैन में लाया जाना चाहिए।

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