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जामिया हिंसा की जिम्मेदारी तय करना अभी जल्दबाजी: निशंक

Thu, 19 Mar 2020 08:49 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: Mohit Mudgal Updated Thu, 19 Mar 2020 08:49 PM IST
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It is too early to decide the responsibility of Jamia violence: Nishank
मानव संसाधन एवं विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक - फोटो : एएनआई

केंद्र सरकार का कहना है कि दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया में हुई हिंसा के लिए जिम्मेदारी तय करना अभी जल्दबाजी होगी। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरुवार को राज्यसभा में यह दावा किया।

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निशंक ने प्रश्नकाल के दौरान कहा, 'यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है इसलिए सरकार सदन में इस पर अधिक जानकारी नहीं दे सकती।' निशंक से पूछा गया था कि क्या सरकार ने दिल्ली पुलिस की भूमिका तय करने के लिए जांच शुरू की है और क्या नुकसान की भरपाई के लिए पुलिस से वसूली होगी?
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जवाब में निशंक ने सदन में कहा, 'इस तरह की घटनाओं में कई कारक और सबूत होते हैं। अभी इसमें जिम्मेदारी तय करना जल्दबाजी होगा।' हालांकि निशंक ने भरोसा दिलाया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार द्वारा जामिया के वीडियो को सबूत के तौर पर इस्तेमाल करने के एक अन्य सवाल पर निशंक ने कहा कि चूंकि मामला न्यायालय में है, इस पर अधिक नहीं कह सकते। हालांकि वीडियो पर कई सवाल और संदेह उठे हैं।
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इसके अलावा नुकसान पर केंद्र की ओर से हर्जाना देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों को केंद्र सरकार यूजीसी के जरिए पूरा फंड मुहैया कराती है। अगर फंड की जरूरत है तो विश्वविद्यालय यूजीसी से संपर्क कर सकता है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी दावा किया कि केंद्रीय विश्वविद्यालय वैधानिक स्वायत्त संगठन हैं।

इनके सभी प्रशासनिक एवं शैक्षणिक निर्णय विश्वविद्यालयों द्वारा उनके वैधानिक निकाय जैसे कार्यकारी परिषद और अकादमिक परिषद के जरिए लिए जाते हैं। इसलिए ऐसी घटनाओं से निपटने में यह पूरी तरह सक्षम होते हैं। जामिया मिल्लिया इस्लामिया का दावा है कि 15 दिसंबर 2019 को हुई हिंसा में उसकी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है। हालांकि संस्थान की लाइब्रेरी को 11 मार्च के बाद छात्रों के लिए खोल दिया गया है। 

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