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नोटबंदी के बाद निवेशकों ने शेयर बाजार से किया किनारा
यशलोक सिंह/अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Wed, 23 Nov 2016 12:24 AM IST
सार
पहले रोज करोड़ों रुपये लगाए जाते थे, आज इसका दायरा काफी सिमट गया है
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विस्तार
साइबर सिटी के निवेशकों ने नोटबंदी के बाद शेयर मार्केट से दूरी बना ली है। पहले रोज करोड़ों रुपये शेयर बाजार में लगाए जाते थे, आज इसका दायरा काफी सिमट गया है। इस प्रकार का माहौल कम से कम डेढ़ माह तक बने रहने की संभावना है।
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मार्केट विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों की क्रय शक्ति नोटबंदी से काफी घट गई है। निवेश के स्थान पर लोगों ने अपने शेयरों को बेचना शुरू कर दिया है। इस कारण शेयरों का काम करने वालों का धंधा काफी मंदा हो गया है। ब्रोकर, आर्बिट्रेट व ट्रेडिंग ऑपरेटर तक खाली बैठे हैं।
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1000 व 500 के नोट जब से बंद हुए हैं, तब से शेयर मार्केट में किसी सेक्टर को सबसे करारा झटका लगा है तो वह है रियल एस्टेट। इस सेक्टर के शेयरों में 25 से 30 फीसदी की गिरावट आई है। लगातार 10 दिनों से बाजार में गिरावट का दौर चल रहा है।
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इसी कारण बड़े निवेशक इससे किनारा कर रहे हैं। लोगों को निवेश से अपने पैसे डूबने का खतरा महसूस हो रहा है। लोगों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तेवर से भी डर लग रहा है। अगर बेनामी प्रॉपटी को लेकर उनकी कोई सर्जिकल स्ट्राइक हुई, तो बाजार के और गिरने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
शेयर मार्केट विशेषज्ञ जितेन्द्र यादव का कहना है कि नोटबंदी के बाद से हर सेक्टर में गिरावट आई है। रियल एस्टेट का तो सबसे बुरा हाल है। इसके अलावा ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी और सीमेंट का भी बुरा हाल है। एफएमसीजी सेक्टर की सेल काफी कम हो गई है।
कुछ दिनों पहले तक जिन कंपनियों के शेयर आसमान छू रहे थे, अब वह जमीन पर नजर आ रहे हैं। एलआईसी और म्यूचुअल फंड के शेयरों में भी गिरावट आई है। शेयर बाजार में निवेश करने वाले गौरव सूद का कहना है कि नोटबंदी के बाद शेयर बाजार से तौबा कर ली है।
जो शेयर लिए थे, उसे निकालने की कोशिश कर रहा हूं। जोरदार बिकवाली के दौर में शेयर बाजार का ग्राफ नीचे जा रहा है। यह निवेशक अब सोने में निवेश करना करने का प्रयास कर रहे हैं।
छोटे निवेशकों के लिए सुनहरा मौका
ऐसा नहीं है कि नोटबंदी निवेशकों के लिए समस्या लेकर आई है, इसके साथ अवसर भी आया है। जिन छोटे निवेशकों के लिए बेहतर पोर्टफोलियो बनाने का समय है, वह लांग टर्म में निवेश कर फायदा उठा सकते हैं। शेयर बाजार से जुड़े विजय प्रताप का कहना है कि तकरीबन सभी सेक्टरों के शेयर में गिरावट हुई है। यही समय है छोटे निवेशक इसे लांग टर्म के लिए खरीद सकते हैं। एलआईसी और म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं।
ट्रंप फैक्टर भी कर रहा है काम
जब से अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए डोनाल्ड ट्रंप चुने गए हैं, तब से फॉरेन इन्वेस्टर अपने शेयर बेचकर अमेरिका में इन्वेस्ट कर रहे हैं, क्योंकि ट्रंप ने घोषणा की थी कि जब वह राष्ट्रपति बनेंगे तो ब्याज दर बढ़ा देंगे। यही कारण है कि विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार कमजोर हो रहा है।