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चिड़िया घर हादसे की जांच पूरी, क्या हैं सुझाव
Updated Thu, 09 Oct 2014 07:01 PM IST
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दिल्ली के चिड़िया घर में सफेद बाघ द्वारा 22 वर्षीय मकसूद की मौत मामले की जांच के लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी ने दो सदस्यीय टीम का गठन किया था। इस टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
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इस दल का मकसद यह जानना था कि आखिर किन गलतियों के चलते मकसूद के साथ इतना बड़ा हादसा हुआ। जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में दो मुख्य सुझाव दिए हैं।
दल का कहना है कि चिड़ियाघर प्रशासन को बाड़े के आस-पास लगे रेलिंग को मजबूत बनाने पर ध्यान देना चाहिए साथ ही खाई की चौड़ाई को भी बढ़ानी चाहिए। दल का दूसरा सुझाव है कि चिड़ियाघर प्रशासन को एक डिजास्टर मैनेजमेंट टीम का भी गठन करना चाहिए।
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इस जांच दल में वन विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक एससी शर्मा और जू एक्सपर्ट एवं जू एडवाइजारी बोर्ड के सदस्य हिमांशु मल्होत्रा ने चिड़ियाघर के मास्टर प्लान को जोखिम भरा बताया और उसपर पुनिर्विचार की जरूरत भी बताई।
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ये है दूसरा सुझाव
कमेटी की सिफरिशों के मुताबिक चिड़िया घर के मास्टर प्लान में भी संशोधन की
जरूरत है। इस प्लान में खतरों से निपटने की भी व्यवस्था होनी चाहिए।
जांच दल के मुताबिक चिड़ियाघर के पशु चिकित्सालय में फर्स्ट एड की सुविधा होनी चाहिए और इसकी जानकारी चिड़िया घर के प्रवेश द्वार सहित रेंज ऑफिस तथा अन्य सभी महत्वपूर्ण जगहों पर होनी चाहिए।
साथ ही सीढ़ी की भी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे कि खाई में गिरने की स्थिती में व्यक्ति को बचाया जा सके।
जांच दल के मुताबिक चिड़ियाघर के पशु चिकित्सालय में फर्स्ट एड की सुविधा होनी चाहिए और इसकी जानकारी चिड़िया घर के प्रवेश द्वार सहित रेंज ऑफिस तथा अन्य सभी महत्वपूर्ण जगहों पर होनी चाहिए।
साथ ही सीढ़ी की भी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे कि खाई में गिरने की स्थिती में व्यक्ति को बचाया जा सके।