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Delhi NCR News: उद्योग चलाने के साथ अब सड़क भी दुरुस्त करा रहे उद्योगपति, अपने खर्च पर भरवाए गड्ढे
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। पृथला इंडस्ट्रियल एरिया में जर्जर सड़कों और जलभराव से परेशान उद्योगपतियों को जब प्रशासन से राहत नहीं मिली तो उन्होंने खुद ही सड़क की मरम्मत कराने का फैसला कर लिया। पृथला-ततारपुर रोड पर उद्योगपति सचिन झिंगन ने अपने खर्च पर गड्ढे भरवाने का काम शुरू कराया।
पृथला इंडस्ट्रियल एरिया की बदहाल सड़कें लंबे समय से उद्योगपतियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढों और बरसात के दौरान जलभराव से भारी वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। कई बार प्रशासन और जिला उपायुक्त से शिकायत करने के बावजूद जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो उद्योगपतियों ने खुद ही सड़क की मरम्मत का जिम्मा उठा लिया।
पृथला-ततारपुर रोड स्थित उद्योगपति सचिन झिंगन ने अपने निजी खर्च पर सड़क के गड्ढे भरवाने का कार्य शुरू कराया। उन्होंने बताया कि कई बार संबंधित विभागों और प्रशासन को शिकायत दी गई, लेकिन कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार मजबूरी में उन्हें अपने स्तर पर सड़क की मरम्मत करवानी पड़ी। उन्होंने बताया कि सड़क की मरम्मत पर अब तक करीब पांच लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी यह कार्य जारी रहेगा।
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सचिन झिंगन ने बताया कि बरसात के दिनों में सड़क पर जलभराव होने से गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे भारी ट्रकों के पलटने का खतरा बना रहता है। खराब सड़क से गुजरने वाले ट्रकों की मरम्मत और रखरखाव का खर्च भी काफी बढ़ जाता है। इससे उद्योगों की परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने के साथ कारोबार पर भी असर पड़ रहा है।
उद्योगपतियों का कहना है कि ओद्यौगिक क्षेत्र की सड़कें सरकार और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी हैं, लेकिन लगातार अनदेखी के कारण अब उन्हें उद्योग चलाने के साथ-साथ सड़कें भी अपने खर्च पर दुरुस्त करानी पड़ रही हैं। उन्होंने प्रशासन से पृथला इंडस्ट्रियल एरिया की सभी जर्जर सड़कों का स्थायी समाधान कराने की मांग की।
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पलवल। पृथला इंडस्ट्रियल एरिया में जर्जर सड़कों और जलभराव से परेशान उद्योगपतियों को जब प्रशासन से राहत नहीं मिली तो उन्होंने खुद ही सड़क की मरम्मत कराने का फैसला कर लिया। पृथला-ततारपुर रोड पर उद्योगपति सचिन झिंगन ने अपने खर्च पर गड्ढे भरवाने का काम शुरू कराया।
पृथला इंडस्ट्रियल एरिया की बदहाल सड़कें लंबे समय से उद्योगपतियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। जगह-जगह गहरे गड्ढों और बरसात के दौरान जलभराव से भारी वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। कई बार प्रशासन और जिला उपायुक्त से शिकायत करने के बावजूद जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो उद्योगपतियों ने खुद ही सड़क की मरम्मत का जिम्मा उठा लिया।
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पृथला-ततारपुर रोड स्थित उद्योगपति सचिन झिंगन ने अपने निजी खर्च पर सड़क के गड्ढे भरवाने का कार्य शुरू कराया। उन्होंने बताया कि कई बार संबंधित विभागों और प्रशासन को शिकायत दी गई, लेकिन कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार मजबूरी में उन्हें अपने स्तर पर सड़क की मरम्मत करवानी पड़ी। उन्होंने बताया कि सड़क की मरम्मत पर अब तक करीब पांच लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी यह कार्य जारी रहेगा।
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सचिन झिंगन ने बताया कि बरसात के दिनों में सड़क पर जलभराव होने से गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे भारी ट्रकों के पलटने का खतरा बना रहता है। खराब सड़क से गुजरने वाले ट्रकों की मरम्मत और रखरखाव का खर्च भी काफी बढ़ जाता है। इससे उद्योगों की परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने के साथ कारोबार पर भी असर पड़ रहा है।
उद्योगपतियों का कहना है कि ओद्यौगिक क्षेत्र की सड़कें सरकार और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी हैं, लेकिन लगातार अनदेखी के कारण अब उन्हें उद्योग चलाने के साथ-साथ सड़कें भी अपने खर्च पर दुरुस्त करानी पड़ रही हैं। उन्होंने प्रशासन से पृथला इंडस्ट्रियल एरिया की सभी जर्जर सड़कों का स्थायी समाधान कराने की मांग की।