फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   industrial unrest can harm manohar lal's investment process

सीएम मनोहर लाल के विदेशी दौरों पर फिर सकता है पानी!

Sun, 27 Sep 2015 04:33 PM IST
Updated Sun, 27 Sep 2015 04:33 PM IST
विज्ञापन
industrial unrest can harm manohar lal's investment process

साइबर सिटी के औद्योगिक हब में अशांति का वातावरण मुख्यमंत्री मनोहर लाल के यहां निवेश के प्रयासों को झटका दे सकता है। हाल ही में उन्होंने अमेरिका और कनाडा का दौरा कर वहां के उद्यमियों को हरियाणा में पूंजी निवेश के लिए आमंत्रित किया है।

विज्ञापन


वहां उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में पूंजी निवेश का शानदार वातावरण मौजूद है। प्रधानमंत्री भी निवेशकों को लगातार लुभा रहे हैं।

ऐसे में मारुति के मानेसर प्लांट का यह घटनाक्रम इन प्रयासों पर पानी फेर सकता है। क्योंकि मारुति की हर गतिविधि का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असर होता है।

गुड़गांव के औद्योगिक हब में लगातार अशांति का माहौल है। किसी न किसी कंपनी में श्रमिक और प्रबंधन के बीच तनातनी यहां रोजाना जारी है। उद्यमियों का कहना है यहां बढ़ती यूनियनबाजी से औद्योगिक माहौल खराब हो रहा है।
विज्ञापन


ऐसे में यहां से कंपनियां पड़ोसी राज्यों का रुख कर रही हैं। गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष वीपी बजाज का कहना कि मारुति गुड़गांव के औद्योगिक जगत का रोल मॉडल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यहां की घटना वैश्विक प्रभाव डालती है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रम विभाग श्रमिक विवादों के ठोस निपटान में अक्षम है। इसी कारण माहौल दिनों दिन खराब हो रहा है।

गुड़गांव से बावल तक बर्निंग बेल्ट है

industrial unrest can harm manohar lal's investment process

गुड़गांव उद्योग एसोसिएशन के अध्यक्ष परवीन यादव ने कहा कि गुड़गांव में बेहतर औद्योगिक वातावरण नहीं रह गया है। ऐसे में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की ओर से विदेशी निवेश आकर्षित करने की योजना को करारा झटका लग सकता है।

उन्होंने बताया कि गुड़गांव के ऑटोमोबाइल हब में बड़ी संख्या में जापानी कंपनियां हैं। नकारात्मक माहौल के कारण वह यहां अपना विस्तार नहीं कर रही हैं। वहीं प्रधानमंत्री अमेरिका में 42 कंपनियों के सीईओ को देश में निवेश के लिए मना रहे हैं।

औद्योगिक अशांति की दृष्टि से गुड़गांव, मानेसर, बावल और धारूहेड़ा का क्षेत्र बर्निंग बेल्ट में आता है। उद्यमियों के मुताबिक, यहां इंडस्ट्री चलाने का अब अच्छा माहौल नहीं है।

गुड़गांव चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव एसके आहूजा ने कहा कि सरकारी उपेक्षा और श्रमिक आंदोलन उद्योगों की बुनियाद को दिनों दिन कमजोर कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed