सीएम मनोहर लाल के विदेशी दौरों पर फिर सकता है पानी!
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साइबर सिटी के औद्योगिक हब में अशांति का वातावरण मुख्यमंत्री मनोहर लाल के यहां निवेश के प्रयासों को झटका दे सकता है। हाल ही में उन्होंने अमेरिका और कनाडा का दौरा कर वहां के उद्यमियों को हरियाणा में पूंजी निवेश के लिए आमंत्रित किया है।
वहां उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में पूंजी निवेश का शानदार वातावरण मौजूद है। प्रधानमंत्री भी निवेशकों को लगातार लुभा रहे हैं।
ऐसे में मारुति के मानेसर प्लांट का यह घटनाक्रम इन प्रयासों पर पानी फेर सकता है। क्योंकि मारुति की हर गतिविधि का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असर होता है।
गुड़गांव के औद्योगिक हब में लगातार अशांति का माहौल है। किसी न किसी कंपनी में श्रमिक और प्रबंधन के बीच तनातनी यहां रोजाना जारी है। उद्यमियों का कहना है यहां बढ़ती यूनियनबाजी से औद्योगिक माहौल खराब हो रहा है।
ऐसे में यहां से कंपनियां पड़ोसी राज्यों का रुख कर रही हैं। गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष वीपी बजाज का कहना कि मारुति गुड़गांव के औद्योगिक जगत का रोल मॉडल है।
यहां की घटना वैश्विक प्रभाव डालती है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रम विभाग श्रमिक विवादों के ठोस निपटान में अक्षम है। इसी कारण माहौल दिनों दिन खराब हो रहा है।
गुड़गांव से बावल तक बर्निंग बेल्ट है
गुड़गांव उद्योग एसोसिएशन के अध्यक्ष परवीन यादव ने कहा कि गुड़गांव में बेहतर औद्योगिक वातावरण नहीं रह गया है। ऐसे में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की ओर से विदेशी निवेश आकर्षित करने की योजना को करारा झटका लग सकता है।
उन्होंने बताया कि गुड़गांव के ऑटोमोबाइल हब में बड़ी संख्या में जापानी कंपनियां हैं। नकारात्मक माहौल के कारण वह यहां अपना विस्तार नहीं कर रही हैं। वहीं प्रधानमंत्री अमेरिका में 42 कंपनियों के सीईओ को देश में निवेश के लिए मना रहे हैं।
औद्योगिक अशांति की दृष्टि से गुड़गांव, मानेसर, बावल और धारूहेड़ा का क्षेत्र बर्निंग बेल्ट में आता है। उद्यमियों के मुताबिक, यहां इंडस्ट्री चलाने का अब अच्छा माहौल नहीं है।
गुड़गांव चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव एसके आहूजा ने कहा कि सरकारी उपेक्षा और श्रमिक आंदोलन उद्योगों की बुनियाद को दिनों दिन कमजोर कर रहे हैं।