{"_id":"56e7feea4f1c1bdc108b49d5","slug":"india-win-conferrence-will-be-held-on-17-march-in-gurgaon","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिलाएं कैसे हों और सशक्त इस पर गुडग़ांव में होगा मंथन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिलाएं कैसे हों और सशक्त इस पर गुडग़ांव में होगा मंथन
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Tue, 15 Mar 2016 05:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश की नारी शक्ति को कैसे और सशक्त बनाया जाए, जिससे वह वैश्विक स्तर पर देश का नाम रौशन कर सकें। इसके लिए दिल्ली-गुडग़ांव बॉर्डर स्थित होटल लीला में 17 मार्च से इंडिया विन कॉफ्रेंस 2016 का आगाज होगा। इसमें 25 देशों की सशक्त और सफल महिलाएं शिरकत करेंगी। इसका समापन 18 मार्च को होगा। इस दौरान दुनिया भर में महिलाओं को लेकर क्या ट्रेंड है इसकी भी जानकारी दी जाएगी। जिससे वह खुद को अपडेट कर सकें।
विज्ञापन
वुमंस इंटरनेशनल नेटवर्किंग (विन) का यह देश में दूसरा कांफ्रेंस है। तीन साल पहले यह कांफ्रेंस दिल्ली में हुई थी। इस बार के मंथन का विषय फिमेल लीडरशिप, क्रिएटीविटी एंड इफिशिएंसी रखा गया है।
विज्ञापन
इस दौरान इस बात पर भी चर्चा होगी कि देश और दुनिया में महिलाओं के लिए कैसा वातावरण है। आज के परिवेश में वैश्विक स्तर पर महिलाओं के समक्ष कौन-कौन सी चुनौतियां हैं इनके बारे में भी जानकरी प्रदान की जाएगी। उन्हें इससे पार पाने के लिए अपने अंदर किन गुणों का विकास करना चाहिए यह भी बताया जाएगा।
विज्ञापन
कांफ्रेंस के दौरान देश में महिलाओं की प्रगति का ब्यौरा भी दिया जाएगा। दावा किया जा रहा है कि शिक्षा के मामले में भारत की महिलाओं ने काफी प्रगति की है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं में काफी सुधार आया है।
इससे पहले ऐसा देखने को नहीं मिला था। शिक्षा महिला सशक्तिकरण की पहली और मजबूत सीढ़ी हैं। कांफ्रेंस के दौरान विन की निदेशक क्रिस्टिन इंगविन, स्त्री शक्ति की संस्थापक रेखा मोदी, इकेया की मिया ओल्सन टनर और शेल की सुचित्रा प्रभु मुख्य वक्ता होंगी। बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में स्वच्छ भारत अभियान की ब्रांड अंबेस्डर शाजिया इल्मी होंगी।
क्या है विन...
विन वैश्विक महिला नेटवर्क है। जो महिलाओं को ऐसे समुदाय से रूबरू कराती हैं जो उनका पथ प्रदर्शन करती हैं। इसके अलावा रोजगार के क्षेत्र और उनके नेतृत्व क्षमता को पनपने का बेहतर वातावरण प्रदान करती हैं। जिससे महिलाएं आगे बढ़ते हुए बेहतर संसार की बुनियाद डाल सकें।