650 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल नेटवर्क देश में तैयार, दुनिया के टॉप-5 देशों में भारत शामिल
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मेट्रो रेल नेटवर्क के मामले में भारत दुनिया के टॉप-5 देशों में शामिल हो गया है। देश में 650 किलोमीटर लंबा मेट्रो रेल नेटवर्क तैयार किया जा चुका है। 900 किलोमीटर लंबी परियोजनाओं पर काम जारी है, जबकि करीब 1000 किलोमीटर लंबी परियोजनाओं की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) मंजूरी के लिए आ गई हैं। केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय हरदीप सिंह पुरी ने इलेक्ट्रॉनिक सिटी स्टेशन पर आयोजित उद्घाटन समारोह के दौरान यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस मेट्रो रेल देशभर में यात्रियों को सस्ती और सुगम सेवा उपलब्ध करा रही है। गाजियाबाद से दिलशाद गार्डन शहीद स्थल और नोएडा के सिटी सेंटर से इलेक्ट्रॉनिक सिटी कॉरिडोर खुलने के बाद दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 250 स्टेशनों के साथ 343 किलोमीटर लंबा हो गया है।
उन्होंने कहा कि लखनऊ मेट्रो का 24 किलोमीटर लंबा खंड खुल चुका है। कानपुर और आगरा की 30 किलोमीटर लंबी मेट्रो रेल परियोजना को मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ तक 82 किलोमीटर लंबे आरआरटीएस (रेपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) को भी मंजूरी मिल गई है।
अधिकारी वही लेकिन बदल गई कार्यशैली
तत्कालीन सपा सरकार पर तंज कसते हुए पुरी ने कहा कि जून 2015 से मार्च 2015 के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महज 20 हजार मंजूर किए गए थे। तत्कालीन अखिलेश सरकार केंद्र को प्रस्ताव भेजती ही नहीं थी। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद अप्रैल 2017 से अब तक 11.5 लाख आवास मंजूर का प्रस्ताव मंजूर किया जा चुका है। अधिकारी वही हैं, लेकिन सरकार का काम करने का तरीका बदल गया है।
अब अगला पड़ाव नोएडा टू गाजियाबाद
नेशनल हाईवे के किनारे गाजियाबाद बॉर्डर तक मेट्रो रेल की ब्लू लाइन पहुंच गई है, लेकिन अब इसका अगला पड़ा इंदिरापुरम और वसुंधरा होकर मोहन नगर तक होगा। डीएमआरसी इसकी संशोधित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने पर फोकस करेगा।
दरअसल, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण साहिबाबाद से नोएडा के इलेक्ट्रॉनिक सिटी को जोड़ने के लिए योजना बनाई थी। इसकी डीपीआर भी डीएमआरसी ने तैयार कर ली थी, लेकिन बाद में प्राधिकरण ने इसमें बदलाव करने की बात कही।
मसलन, साहिबाबाद की जगह मोहन नगर से इलेक्ट्रॉनिक सिटी को जोड़ने के लिए डीपीआर में संशोधन करने के लिए कहा था। इसके लिए डीएमआरसी को फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करनी थी, लेकिन अब तक यह काम पूरा नहीं हो पाया है।
डीएमआरसी सूत्रों के मुताबिक अब इस काम में तेजी लाई जाएगी। बताया जा रहा है कि नेशनल हाईवे पार कर सीआईएसएफ, वसुंधरा और इंदिरापुर के रास्ते बड़ी आबादी के बीच से मेट्रो कॉरिडोर को मोहन नगर तक ले जाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।