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नाम सेंचुरी अपार्टमेंट और यहां से न बस मिलती है न ऑटो, डराती है वीरान सड़क
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Updated Mon, 06 Aug 2018 10:11 AM IST
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सेंचुरी अपार्टमेंट
- फोटो : लाल सिंह
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नोएडा सेक्टर-100 स्थित सेंचुरी अपार्टमेंट के लोग बाजार और सार्वजनिक परिवहन की सेवा से वंचित हैं। यहां आसपास न तो बाजार है और न ही बस व ऑटो स्टैंड। सोसायटी के लोगों को अपने ही साधन से चार-पांच किलोमीटर की दूरी तय कर बरौला व भंगेल बाजार तक जरूरत का सामान लेने जाना पड़ता है।
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जबकि प्राधिकरण की योजना जीरो माइल तक लोगों को परिवहन की सुविधा देने की है। झाड़ियों के बीच से निकल रही वीरान सड़क पर न तो बसें मिलती हैं और ही ऑटो। फोन करके किसी ऑटो को बुलाने पर मनमाना किराया देना पड़ता है।
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सोसायटी वासियों ने बताया कि यहां एक छोटी सी जनरल स्टोर की दुकान है जहां जरूरत का सामान मिल जाए तो बड़ी बात है, लेकिन सब्जी व घर का सामान लेने के लिए बरौला या भंगेल तक जाना ही पड़ता है।
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जबकि यह सोसायटी से 4-5 किलोमीटर की दूरी पर है। सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था नहीं होने से काफी दिक्कत हो रही है। अगर कोई ऑटो या रिक्शा सड़क पर मिल भी जाता है तो चालक अधिक रुपये मांगता है। यहां बस, टैंपो, ऑटो, ई-रिक्शा का कोई भी रूट नहीं है। ऐसे में आपात स्थिति के समय काफी दिक्कत होती है। वहीं, सन्नाटा होने से देर रात यहां ओला, उबर वाले भी नजर नहीं आते।
दरअसल, एनएमआरसी की सिटी बसें शहर में चल रही हैं। इन बसों को ऐसे रूटों पर जोड़ने की योजना थी। जहां लोगों को साधन नहीं मिल रहे, लेकिन घाटे का सौदा होता देख इस रूट पर बस सेवा शुरू नहीं की गई।
यहां साधन न होने के कारण सोसायटी के लोगों ने स्कूल जाने के लिए बच्चों के लिए प्राइवेट वैन लगवा रखी हैं। रात में सोसायटी के बाहर निकलना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। गेट के पास बड़ी झाड़ियां हैं। हालत यह है कि डर से महिलाएं व बच्चे शाम होते ही सोसायटी से बाहर नहीं निकलते हैं।
बाजार के न होने से 100 रुपये का सामान खरीदने के लिए 150 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। अचानक किसी सामान की जरूरत पड़ने पर मन मारकर रह जाते हैं। पूरे माह का राशन एक ही बार में लेना पड़ता है। कुछ सामान तो ऐसा है जो खराब भी हो जाता है।- जॉली, निवासी
सोसायटी के बाहर सिर्फ सड़कें नजर आती हैं। दूर तक न कोई बाजार है और न ही परिवहन सेवा है। जिससे कभी-कभी डर भी लगता है। एक दो बार सड़क पर बाइक सवार चेन भी लूट चुके हैं थी। अकेले निकलने में डर लगता है।- ऊषा जियाल, निवासी
सोसायटी के लोगों ने सोसायटी के अंदर छोटी दुकानें बना रखी हैं। जहां जरूरत के अनुसार छोटा-मोटा सामान मिल जाता है, लेकिन जब दुकान पर कोई सामान नहीं होता तो बहुत दिक्कत होती है। प्राधिकरण ने फ्लैट तो दे दिए, लेकिन मार्केट की व्यवस्था नहीं की।- विकास कुमार, निवासी
बस व ऑटो की व्यवस्था न होने के कारण सड़कों पर चलने से डर भी लगता है। सोसायटी में रहने वाली महिलाएं अकेले घर से निकलने में डरती हैं। पिछले दिनों चेन स्नेचिंग की कई घटनाएं हो चुकी हैं, पुलिस गश्त भी नहीं करती है।-पवन यादव, निवासी
मेट्रो की मिडी बसों से जुड़ेंगे सेक्टर
यूपीएसआरटीसी के साथ नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन (एनएमआरसी) सर्वे कर रही है। इसमें मेट्रो की मिडी बसें सेंचुरी अपार्टमेंट, लोटस बुलेवर्ड, सेक्टर-83 कट से जुड़ेंगी। इसके लिए क्यू शेल्टर बनाया जाएगा। जहां तक ये मिडी बसें आएंगी। कॉलोनियों व सेक्टरों से लोगों को क्यू शैल्टर तक पहुंचाने के लिए एनएमआरसी ई-रिक्शा की व्यवस्था करेगा।-
राजेश पाठक, डिपो मैनेजर, एनएमआरसी