देशभर में फैला है ई-सिगरेट से जुड़ा रैकेट, दिल्ली की गलियों तक भी है पहुंच, चीन से आता है माल
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दिल्ली की गलियों तक पहुंची ई-सिगरेट पर भारत सरकार ने प्रतिबंध की घोषणा की है, लेकिन स्कूली बच्चों से लेकर किशोरों और युवाओं तक कुछ ही साल में ये उत्पाद कैसे पहुंच गए, इसका खुलासा किया है दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. एसके अरोड़ा ने।
वे लंबे समय से ई-सिगरेट और इससे जुड़े उत्पादों पर प्रतिबंध के लिए राज्य से लेकर केंद्र सरकार तक पत्र व्यवहार कर चुके हैं। डॉ. अरोड़ा के मुताबिक, ई-सिगरेट और उससे जुड़े उत्पादों का एक बड़ा रैकेट पूरे देश में फैला है। माल चीन से आता है।
उन्होंने कस्टम विभाग को पत्र लिखकर इसके खिलाफ कार्रवाई की अपील की तो वे अपना माल मुंबई और गुजरात से सड़क मार्ग से दिल्ली की दुकानों में पहुंचाने लगे। केंद्र ने इसके प्रतिबंध पर एडवाइजरी तो सभी राज्यों पर दी है, लेकिन कानून में फेरबदल अब तक नहीं हो सका है। इसकी वजह से दिल्ली में खुलेआम ई-सिगरेट और उससे जुड़े उत्पाद दुकानों में बिक रहे हैं।
चांदनी चौक के व्यापारी विक्रम सचदेवा बताते हैं कि ई-सिगरेट से जुड़े दो तरह के उत्पाद बिकते हैं। ब्रांडेड कहा जाने वाला उत्पाद 500 से लेकर 10 हजार रुपये तक का है, जबकि डुप्लीकेट 100 से 300 रुपये के बीच आसानी से मिल जाता है।
दिल्ली में नकली उत्पादों की बिक्री ज्यादा है। स्कूल या कॉलेज जाने वाले युवा सस्ती चीज की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं। उन्होंने बताया कि ब्रांडेड उत्पाद ऑर्डर मिलने के बाद दिया जाता है। इसमें एक से दो दिन का वक्त लग सकता है। अक्सर सुर्खियों में होने के कारण दुकानदार डर की वजह से ज्यादा भंडारण नहीं रखते हैं।
लक्ष्मी नगर के मंगल बाजार स्थित एक दुकानदार ने बताया कि उनकी दुकान पर 300 से लेकर 4 हजार रुपये तक का हुक्का उपलब्ध है। हुक्के के पाइप और उसके फिल्टर की गुणवत्ता के आधार पर कीमत तय होती है। हालांकि उनके यहां ज्यादातर बिक्री 1 हजार रुपये तक वाले हुक्के की हो रही है।
कनॉट प्लेस के कई रेस्तरां में अब भी हुक्का
नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कनॉट प्लेस के कई रेस्तरां और बार में हुक्का उपलब्ध है। इसके लिए इन रेस्तरां में ग्राहक से 500 से 1 हजार रुपये तक चार्ज लिया जाता है।
कई बार एनडीएमसी ने निरीक्षण के दौरान इन्हें पकड़ा भी है। अब काफी समय से कार्रवाई न होने के कारण हुक्का फिर चलन में आ गया है। दिल्ली में हुक्के के खिलाफ लंबे समय से मुहिम चलाने वाले भाजपा विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा का कहना है कि वे कई बार दिल्ली सरकार से भी इस पर प्रतिबंध की अपील कर चुके हैं।
वे कई ऐसे परिवारों को जानते हैं, जिनके बच्चों में हुक्के की लत लगी और सब कुछ तबाह हो गया। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को पत्र लिख समाज से नशे को खत्म करने की अपील कर चुके हैं।