बिरयानी के नाम पर गोमांस, जांचने के लिए सड़क पर उतरी पुलिस
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एक ऐसा राज्य जहां गैंगरेप की घटनाएं सबसे ज्यादा रिकॉर्ड की गई हैं वहां की पुलिस महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में सोचने के बजाय इन दिनों बिरयानी जांचने में लगी है।
हम बात कर रहे हैं हरियाणा की। बकरीद के आगमन को देखते हुए हरियाणा पुलिस को यह स्पेशल टास्क दिया गया है। मेवात, हरियाणा का एकमात्र मुस्लिम बहुल जिला है और हरियाणा पुलिस को यहीं की सड़कों पर लगने वाली बिरयानी की दुकानों की शिनाख्त करने के लिए कहा गया है।
बिरयानी की दुकानों की तलाशी की वजह है बिरयानी में गोमांस मिलाए जाने की आशंका। टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक खबर के अनुसार पुलिस को यह काम प्रदेश सरकार के गऊ सेवा आयोग ने सौंपा है।
'बिरयानी बेचने वाले बीफ को छिपाने के लिए मिलाते हैं चावल'
आयोग के चेयरमैन भानी राम मंगला ने अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया है कि पुलिस को यह आदेश उन शिकायतों की बढ़ती संख्या के बाद दिया गया है, जिसमें सड़क पर बिरयानी बेच रहे दुकानदारों द्वारा गोमांस परोसने का जिक्र है।
भानी राम ने आगे कहा कि शिकायतों के अनुसार बिरयानी बेचने वाले गोमांस को छिपाने के लिए थोड़ा चावल मिला देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि बिरयानी बेचने वालों को तुरंत पकड़ने का आदेश दिया गया है यदि कहीं भी गोमांस पाया जाता है।
इसी बीच फूड एवं ड्रग विभाग को पहले किए गए जांचों का रिपोर्ट देने को कहा गया है। यह बात ध्यान देने वाली है कि हरियाणा में गाय काटने के लिए सबसे सख्त कानून हैं जिसमें 10 साल तक की सजा हो सकती है।
मेवात से पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता आफताब अहमद ने इसे कोरी अफवाह करार दिया है। उनका कहना है कि यह सरासर गलत, अन्यायपूर्ण है और इस बहाने एक खास समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है।