दिल्लीः बवाना उपचुनाव में जीत को लेकर डरी हुई है भाजपा, अपना रही ये स्ट्रैटेजी
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दिल्ली प्रदेश भाजपा का इस साल दो चुनाव में जीत हासिल करने के बावजूद बवाना विधानसभा क्षेत्र (सुरक्षित) के उपचुनाव के परिणाम को लेकर निश्चित नहीं है। इसका प्रमाण भाजपा ने बवाना विस क्षेत्र के उपचुनाव का प्रभारी एवं उसके सहयोगी बनाने में दे दिए है।
भाजपा ने उपचुनाव की जिम्मेदारी स्थानीय सांसद उदित राज एवं संगठन के अन्य पदाधिकारियों को नहीं दी। भाजपा ने उपचुनाव में बाजी मारने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह के सांसद बेटे प्रवेश वर्मा पर विश्वास किया है। इतना ही नहीं, उनका सहयोग करने के लिए भी दूसरे इलाके के नेता लगाए गए हैं। यह नेता प्रवेश वर्मा के खास माने जाते है।
दिल्ली प्रदेश भाजपा ने इस साल राजौरी गार्डन विस क्षेत्र के उपचुनाव और उसके बाद तीनों नगर निगम के चुनाव में बड़ी जीत हासिल की थी। मगर वह बवाना विस क्षेत्र के उपचुनाव में जीत को लेकर हिली हुई है और वह जीत के मामले मे इलाके के अपने नेताओं पर भी विश्वास नहीं कर रही है।
इलाके के नेताओं के बजाए बाहरी नेताओं को उपचुनाव की कमान सौंपी
भाजपा ने इस क्षेत्र के उपचुनाव की कमान स्थानीय सांसद (उत्तर पश्चिम दिल्ली संसदीय क्षेत्र) उदित राज को नहीं सौंपी। जबकि बवाना विस क्षेत्र सुरक्षित है और उदित राज भी अनुसूचित जाति से संबंधित है। इसके अलावा भाजपा ने इलाके के जिला अध्यक्ष नीलदमन खत्री को भी चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी से दूर रखा है।
भाजपा ने बवाना विस क्षेत्र के उपचुनाव का प्रभारी पश्चिम दिल्ली संसदीय क्षेत्र के सांसद प्रवेश वर्मा को बनाया है। इसके अलावा उनका सहयोग करने के लिए बाहरी दिल्ली जिला के अध्यक्ष मनोज शौकीन को लगाया गया है।
खास बात यह है कि बवाना विस क्षेत्र उत्तर पश्चिम दिल्ली संसदीय क्षेत्र के अधीन आता है। इसी तरह बवाना विस क्षेत्र भाजपा के उत्तर पश्चिम जिला का हिस्सा है।
सूत्र बताते है कि भाजपा उदित राज को अधिक प्रभावशाली नेता नहीं मानती है। उनका दलित मतदाताओं पर भी प्रभाव नहीं माना जा रहा है, जबकि बवाना क्षेत्र सुरक्षित होने के बावजूद जाट बहुल है। इस कारण भाजपा ने जाट नेता के नाते प्रवेश वर्मा को आगे करने का निर्णय लिया है।