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वैदिक विदुषी सविता आर्य ने बताए घर में बेटी होने के फायदे
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sat, 28 Nov 2015 05:32 PM IST
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कस्बे के आर्य समाज मंदिर में चल रहे पांच दिवसीय दिव्य आध्यात्मिक सत्संग का शुक्रवार रात समापन हो गया। जिसमें वैदिक विदुषी सविता आर्य ने घर में बेटी होने के फायदों को विभिन्न तर्को से भक्तों को समझाया।
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उनके प्रेरक प्रवचनों एवं मधुर भजनों से नगीनावासी ने काफी कुछ सीखा। ये सत्संग पांच दिनों तक चला जिसमें विभिन्न धर्मो के अनुयायियों ने हिस्सा लेकर अपनी सहभागिता दर्ज की।
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आर्यवेद प्रचार मंडल के प्रधान पद्मचन्द आर्य ने बताया कि अल सुबह हवन यज्ञ में मंत्रोउच्चारण के साथ आहुतियों से पर्यावरण को शुद्ध रखने का संदेश दिया गया।
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इस सत्संग में सविता आर्य ने वेदों की महिला का गुणगान किया और कहा कि वेद भारत के सनातन धर्म के आधार हैं।
इनसे ईश्वर के द्वारा इन्सान को भले कर्मो पर चलने की प्रेरणा मिलती है। यही वजह है कि वेदों को ईश्वर की वाणी माना जाता है।
वेदों पर चलकर हम अपने जीवन को सुखमय बना सकते हैं तथा वेदों की वसुधेव कुटुबकम की भावना को आत्मशात करके ही दुनियाभर में शांति और खुशहाली लाई जा सकती है।
पद्मचन्द आर्य ने बताया कि इस सत्संग में नयी पीढ़ी को वैदिक ज्ञान से लबरेज करने की आवश्यकताओं पर वैदिक विदुषी ने यज्ञ और संसकार तथा पर्यावरण को शुद्ध रखने के तमाम विचार प्रकट किये।