अमर उजाला की खबर का असर: छात्रा को मिली दो लाख की आर्थिक मदद
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अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद विद्युत निगम के अधिकारी मदद का चेक लेकर शनिवार को देवकी के गांव पहुंचे थे। रबूपुरा क्षेत्र के मिर्जापुर गांव निवासी महेंद्र सिंह की दूसरे नंबर की बेटी कक्षा तीन की छात्रा देवकी गांव के ही प्राइमरी स्कूल में पढ़ती है।
गत माह 7 जुलाई को देवकी घर की छत से जा रही हाइटेंशन लाइन की चपेट में आ गई थी। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में देवकी के तीन बड़े ऑपरेशन किए गए और उसकी जान बचाने के लिए चिकित्सकों को उसके दोनों हाथ काटने पड़े।
डाक्टर ने रक्षाबंधन से दो दिन पहले देवकी को चौथे दिन उपचार के लिए आने की सलाह देकर डिस्चार्ज किया था। रक्षाबंधन पर देवकी ने अपने भाइयों धर्मेंद्र व राजेश के हाथों में अपने पैरों से राखी बांधी।
विद्युत विभाग ने तब तक देवकी को कोर्ई आर्थिक मदद नहीं दी थी। इस पूरे मामले का समाचार अमर उजाला ने 19 अगस्त को प्रकाशित किया था।
अफसरों ने किया मानमनौव्वल, परिजनों का इंकार
अधिशासी अभियंता सोनू रस्तोगी के साथ विद्युत विभाग की टीम मिर्जापुर पहुंची। विद्युत अधिकारियों ने देवकी के नाम से परिजनों को दो लाख रुपये का आर्थिक मदद का चेक सौंपा, लेकिन परिजनों ने इसका विरोध किया।
परिजनों का कहना था कि पास के गांव की सायरा नाम की एक लड़की इसी तरह हादसे का शिकार हुई थी। उसे पांच लाख रुपये की सरकारी मदद दी गई थी। वहीं, उन्हें आर्थिक मदद में रुपये नहीं चाहिए।
सरकार देवकी के जीवन यापन के खर्च की पूरी व्यवस्था करे या परिवार के किसी सदस्य को नौकरी दी जाए। परिजनों ने आर्थिक मदद को दिया गया चेक लौटाने की चेतावनी दी है। परिजन इस मामले में एसएसपी से मिलकर रिपोर्ट दर्ज करने औैर डीएम से कार्रवार्ई की मांग करेंगे।
देवकी के परिजन जिस लड़की की बात कर रहे है। उसे विद्युत विभाग ने मात्र एक लाख रुपये की मदद दी थी, क्योंकि उस दौरान इतनी ही मदद का प्रावधान था। संभवत: उस लड़की को कोई और सरकारी मदद से अधिक रुपये दिए गए होंगे। -सोनू रस्तौगी, अधिशासी अभियंता