एक अफवाह से टूट गया इकलाख से एक सदी पुराना रिश्ता
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संजय सिंह राणा के बेटे विशाल समेत अन्य पर नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से पूरे परिवार के एक सदी वाले रिश्तों में दरार आ गई है।
भाजपा के सदस्य संजय राणा का कहना है कि इस घटना ने सिर्फ उन्हें बल्कि पूरे परिवार को तोड़ दिया है। उनके दादा सरदार सिंह (अफलातून) की करीब 100 साल पहले से इकलाख के दादा से दोस्ती थी।
उसी समय से उनका आना-जाना था और इकलाख उनके लिए गांव का व्यक्ति नहीं था बल्कि वह एक तरह से उनके ताऊ का बेटा था। इकलाख उनकी रिश्तेदारियों में भी जाता रहा है।
'इलाज न कराता तो ये दिन न देखना पड़ता'
मगर एक गलतफहमी की घटना ने उनको अपने ही परिवार के लोगों के सामने गुनहगार साबित कर दिया है। इसका सबूत देते-देते वह थक गए हैं लेकिन उनकी कोई नहीं सुन रहा है।
विशाल और शिवम के दादा रामपाल का कहना है कि वह अपने पिता के समय से ही उसे रिश्ते को निभाते आ रहे हैं और इकलाख उनका भतीजा लगता था और परिवार के सदस्य की तरह ही उनके साथ आता-जाता था।
संजय राणा का कहना है कि कुछ दिन पहले तक उसके बेटे विशाल का इलाज चलता रहा है। उसके साथ एक हादसा हो गया था, जिसमें उसे ठीक कराने में 27 लाख रुपये लगे थे। अब सोचकर परेशान हूं कि काश उसका इलाज न कराता तो वह बीमार ही घर पर तो रहता।