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Delhi NCR News: आईआईआईटी दिल्ली के छात्रों को मिलेगी कैशलेस उपचार की सुविधा
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पहले से मौजूद बीमारियां भी होंगी कवर, इमरजेंसी में दूसरे अस्पतालों में इलाज कराने पर भी मिलेगा क्लेम
ललित कौशिक
नई दिल्ली। इंद्रप्रस्थ सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआई) दिल्ली ने छात्रों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने की दिशा में कदम उठाया है। संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों को चिकित्सा बीमा की सुविधा का लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत छात्र एक लाख रुपये तक कैशलेश उपचार की सुविधा का लाभ ले सकेंगे। इससे संस्थान में पढ़ने वाले करीब 3250 छात्रों को फायदा होगा। हालांकि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में नए छात्रों का दाखिला सुनिश्चित होने पर छात्रों की संख्या 3500 तक पहुंच सकती है।
चिकित्सा बीमा सुविधा का लाभ देने के लिए संस्थान ने छात्रों को बीमा कंपनी के चयन को लेकर कवायद शुरू की है। इस संबंध में संस्थान की ओर से निविदा जारी की गई है। निविदा के तहत संस्थान ने प्रति छात्र एक लाख रुपये तक के मेडिक्लेम कवर के साथ कैशलेस इलाज की सुविधा देने की शर्त रखी है। खास बात यह है कि योजना में पहले से मौजूद बीमारियों को भी शामिल करना अनिवार्य होगा।
बिना भर्ती के भी डे केयर की मिलेगी सुविधा :
संस्थान ने स्पष्ट किया है कि बीमा कंपनी के चयन के बाद उसे सूचना दिए जाने की तारीख से पॉलिसी लागू मानी जाएगी। इसमें पहले से मौजूद बीमारियों, शुरुआती 30 दिनों और सूचीबद्ध बीमारियों से जुड़ी प्रतीक्षा अवधि को हटाना शामिल है। यानी बीमा कंपनी को इन मामलों में भी निर्धारित शर्तों के तहत कवरेज देना होगा। पॉलिसी में उम्र की कोई सीमा नहीं होगी। इसके अलावा योजना में अस्पताल में भर्ती होने, सर्जरी और ऐसी चिकित्सा प्रक्रियाओं को भी शामिल किया गया। जिसमें मरीज को बिना भर्ती के डे केयर में उपचार दिया जाता है। बीमा कंपनियों को कम से कम 144 डे-केयर प्रक्रियाओं का कवरेज देना होगा।
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छात्रों की सुविधा के लिए समर्पित अधिकारी होंगे उपलब्ध :
छात्रों को इलाज के लिए केवल बीमा कंपनी के नेटवर्क वाले अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। किसी आपात स्थिति में नेटवर्क से बाहर के अस्पताल में इलाज कराने पर भी खर्च का भुगतान का प्रावधान होगा। वहीं नेटवर्क अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बीमा कंपनी को देशभर के प्रतिष्ठित अस्पतालों का नेटवर्क तैयार रखना होगा। अगर किसी छात्र को बाहरी विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेने या पैथोलॉजी जांच कराने के लिए भेजा जाता है, तो उस पर होने वाला खर्च भी पॉलिसी की शर्तों के तहत भुगतान किया जाएगा। बीमा कंपनी को प्रत्येक छात्र के लिए अपने खर्च पर सदस्यता कार्ड जारी करना होगा। छात्रों को उपचार में किसी प्रकार की असुविधा न हो उसके लिए बीमा कंपनी एक समर्पित अधिकारी की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जिससे आपातकालीन इलाज के दौरान परेशानी न हो।
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ललित कौशिक
नई दिल्ली। इंद्रप्रस्थ सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआई) दिल्ली ने छात्रों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने की दिशा में कदम उठाया है। संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों को चिकित्सा बीमा की सुविधा का लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत छात्र एक लाख रुपये तक कैशलेश उपचार की सुविधा का लाभ ले सकेंगे। इससे संस्थान में पढ़ने वाले करीब 3250 छात्रों को फायदा होगा। हालांकि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में नए छात्रों का दाखिला सुनिश्चित होने पर छात्रों की संख्या 3500 तक पहुंच सकती है।
चिकित्सा बीमा सुविधा का लाभ देने के लिए संस्थान ने छात्रों को बीमा कंपनी के चयन को लेकर कवायद शुरू की है। इस संबंध में संस्थान की ओर से निविदा जारी की गई है। निविदा के तहत संस्थान ने प्रति छात्र एक लाख रुपये तक के मेडिक्लेम कवर के साथ कैशलेस इलाज की सुविधा देने की शर्त रखी है। खास बात यह है कि योजना में पहले से मौजूद बीमारियों को भी शामिल करना अनिवार्य होगा।
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बिना भर्ती के भी डे केयर की मिलेगी सुविधा :
संस्थान ने स्पष्ट किया है कि बीमा कंपनी के चयन के बाद उसे सूचना दिए जाने की तारीख से पॉलिसी लागू मानी जाएगी। इसमें पहले से मौजूद बीमारियों, शुरुआती 30 दिनों और सूचीबद्ध बीमारियों से जुड़ी प्रतीक्षा अवधि को हटाना शामिल है। यानी बीमा कंपनी को इन मामलों में भी निर्धारित शर्तों के तहत कवरेज देना होगा। पॉलिसी में उम्र की कोई सीमा नहीं होगी। इसके अलावा योजना में अस्पताल में भर्ती होने, सर्जरी और ऐसी चिकित्सा प्रक्रियाओं को भी शामिल किया गया। जिसमें मरीज को बिना भर्ती के डे केयर में उपचार दिया जाता है। बीमा कंपनियों को कम से कम 144 डे-केयर प्रक्रियाओं का कवरेज देना होगा।
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छात्रों की सुविधा के लिए समर्पित अधिकारी होंगे उपलब्ध :
छात्रों को इलाज के लिए केवल बीमा कंपनी के नेटवर्क वाले अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। किसी आपात स्थिति में नेटवर्क से बाहर के अस्पताल में इलाज कराने पर भी खर्च का भुगतान का प्रावधान होगा। वहीं नेटवर्क अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बीमा कंपनी को देशभर के प्रतिष्ठित अस्पतालों का नेटवर्क तैयार रखना होगा। अगर किसी छात्र को बाहरी विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेने या पैथोलॉजी जांच कराने के लिए भेजा जाता है, तो उस पर होने वाला खर्च भी पॉलिसी की शर्तों के तहत भुगतान किया जाएगा। बीमा कंपनी को प्रत्येक छात्र के लिए अपने खर्च पर सदस्यता कार्ड जारी करना होगा। छात्रों को उपचार में किसी प्रकार की असुविधा न हो उसके लिए बीमा कंपनी एक समर्पित अधिकारी की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जिससे आपातकालीन इलाज के दौरान परेशानी न हो।