AAP का ड्रामा, फिर होगी शाजिया की वापसी!
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आम आदमी पार्टी में छिड़ी घमासान अब नए मोड़ पर आ गई है। शुक्रवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के बाद काफी चौंकाने वाला बयान सामने आया है।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह और प्रशांत भूषण ने बैठक के बड़ा खुलासा किया है। संजय सिंह ने कहा कि पार्टी में जारी इस्तीफों के दौर को रोकने और अब तक आए इस्तीफों पर फिर से विचार किया जाएगा।
यही नहीं सबसे चौंकाने वाला बयान ये रहा है कि लगभग 15 दिन पहले पार्टी छोड़ने वाली शाजिया इल्मी को भी वापस लाने की तैयारी शुरू हो गई है।
कौन चाहता है शाजिया की वापसी?
आम आदमी पार्टी के भीतर चल रही ड्रामेबाजी के बीच शाजिया इल्मी को पार्टी में वापस लाने की खबर से और बवाल मच गया है।
सूत्रों के मुताबिक शाजिया इल्मी को पार्टी में वापस लाने के लिए सबसे ज्यादा जोर अरविंद केजरीवाल लगा रहे हैं। आप संयोजक ने इसके लिए बाकायदा अंजलि दमानिया को जिम्मेदारी भी सौंप दी है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रशांत भूषण ने इस बात को पुख्ता करते हुए बताया कि पार्टी अब तक आए सभी इस्तीफों पर विचार करेगी।
शाजिया ने लगाया था गंभीर आरोप
यह सब उस वक्त हुआ है जब पार्टी के भीतर मचे घमासान में मनीष सिसोदिया ने योगेंद्र यादव पर पार्टी को तोड़ने और अरविंद केजरीवाल को खत्म करने का आरोप लगाया था।
केजरीवाल पर मनमानी और पार्टी में लोकतंत्र न होने का आरोप लगाने वाली शाजिया इल्मी की वापसी को लेकर भी अब सवाल उठने लगे हैं।
यही नहीं, शाजिया के अलावा अब जितने भी नेताओं ने पार्टी छोड़ी है उन सबके इस्तीफों पर पार्टी फिर से विचार करेगी। आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के पहले दिन इसी बात पर चर्चा हुई।
योगेंद्र की चिट्ठी का मसला भी छाया
कार्यकारिणी की बैठक में मनीष सिसोदिया और योगेंद्र यादव के बीच छिड़े चिट्ठी वार पर भी चर्चा हुई। माना जा रहा है कि इसकी वजह से पार्टी के कई अहम मामलों पर चर्चा नहीं हो सकी।
उधर, योगेंद्र यादव और हरियाणा आप के संयोजक नवीन जयहिंद के इस्तीफे पर भी फिर से राय लेने की बात की गई है।
पार्टी से खफा योगेंद्र यादव ने अपने बयान में कहा था कि लोकसभा चुनाव में हारने के पीछे मुख्य कारण नेतृत्व क्षमता की कमी है।