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2 दिन की मासूम को 15 घंटे तक एंबुलेंस में ले घूमते रहे परिजन, एम्स तक में नहीं मिला दाखिला

Sat, 09 Sep 2017 02:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 09 Sep 2017 02:46 PM IST
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hospitals refused to admit two days old girl child
एम्स

दो दिन की बीमार नन्हीं जान करीब पंद्रह घंटे तक एंबुलेंस से दिल्ली की सड़कों का चक्कर लगाती रही। बृहस्पतिवार दोपहर बाद करीब 3:30 बजे जीटीबी अस्पताल से नवजात का इलाज कराने की शुरू हुयी कोशिश चाचा नेहरू बाल अस्पताल, एलएनजेपी अस्पताल, एम्स, कलावती समेत दिल्ली के कई बड़े अस्पतालों तक पहुंची।

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लेकिन उसे किसी भी अस्पताल में दाखिला नहीं मिला। इस बीच एबुंलेस की आक्सीजन भी खत्म होने को थी। आखिर में एंबुलेंस चालक की सूझबूझ दिखायी और किसी तरह बच्चे को शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया जा सका।

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आईसीयू में भर्ती बच्ची की हालत बेहद नाजुक बनी हुयी है। इस संबंध में अस्पताल क कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है। भोलानाथ नगर, शाहदरा निवासी आशीष भारती की पत्नी गीता ने दो दिन पहले शाहदरा स्थित चांदीवाला अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया।

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भर्ती करने की जगह एलएनजेपी भेज दिया गया

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सेहत ठीक होने से उसे अस्पताल से अगले दिन छुट्टी मिल गयी, लेकिन घर ले जाने पर बृहस्पतिवार दोहपर बाद उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। उसका शरीर भी नीला पड़ गया था।

 

आनन-फानन में परिजन करीब 3:30 बजे बच्चे का इलाज कराने जीटीबी अस्पताल पहुंचे। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने भर्ती करने से इंकार कर दिया। बच्चे के परिजन दानिश ने बताया कि जीटीबी के बाद गांधी नगर स्थित चाचा नेहरू अस्पताल पहुंचे। लेकिन भर्ती करने की जगह एलएनजेपी भेज दिया गया।
 

इस अस्पताल में भी नाकामी हाथ लगी। इसी बीच एक परिचित ने सेंट स्टीफेंस अस्पताल ले जाने की सलाह दी। यहां शुरुआती चिकित्सा दी गयी। लेकिन बगैर रेफर किये यहां से जीबी पंत अस्पताल जाने को कहा। इस बीच रात के दो बज गये थे।

एंबुलेंस चालक ने नहीं द‌िखाई होती सूझबूझ तो...

hospitals refused to admit two days old girl child
सांकेत‌िक च‌ित्र - फोटो : अमर उजाला

थोड़ी सहूलियत कैट्स एंबुलेंस चालक वीरेश से मिली। वह बच्चे को लेकर जीबी पंत, एम्स, कलावती अस्पताल समेत दूसरी कई जगहों पर ले गये। लेकिन हर जगह बच्चे को भर्ती नहीं किया गया।

इसके बाद एंबुलेंस आरएमएल अस्पताल पहुंची। काफी हीला-हवाली के बाद बच्चे को यहां दाखिला मिल गया। वीरेश ने बताया कि बच्चा आक्सीजन पर था। पूरी रात इधर-उधर दौडने से एंबुलेंस की आक्सीजन भी खत्म होने वाली थी। लेकिन आरएमएल में भर्ती होने से हालात बेकाबू नहीं होने पाया।

उधर, चिकित्सकों को कहना है कि बच्चे की हालत नाजुक है। उसका आईसीयू में इलाज चल रहा है। वहीं, इस बारे में किसी भी अस्पताल के प्रशासन ने  बात करने से इंकार किया।

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