ये खबर पढ़कर डॉक्टरों पर से उठ जाएगा विश्वास
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने बच्चा गोद दिलाने वाले गैंग में शामिल एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के दक्षिण-पश्चिम जिला में अपने दो निजी अस्पताल हैं।
आरोपी की पहचान डॉ. नंद किशोर राणा के रूप में हुई है। नंद किशोर बच्चा गोद लेने वाली महिला को अपने अस्पताल में एडमिट दिखाकर डिस्चार्ज समरी और अस्पताल का जन्म प्रमाण पत्र बनाकर देता था।
बदले में वह मोटी रकम वसूल करता था। बता दें कि जून 2015 में पुलिस ने बच्चा गोद दिलाने वाली दो एनजीओ को के कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था।
मालिक के पास सिटी हेल्थ नाम से दो अस्पताल हैं
उनकी निशानदेही पर पुलिस ने नंद किशोर को दबोचा है। अपराध शाखा इससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी लखनऊ से बीएएमएस, एमडी है।
द्वारका सेक्टर-19 में उसके श्री सांई अस्पताल व नजफगढ़, गोपाल नगर में सिटी हेल्थ अस्पताल के नाम से दो अस्पताल हैं। जिन दंपति को बच्चा नहीं होता था उनको कुछ एनजीओ अवैध रूप से बच्चे उपलब्ध कराते थे।
द्वारका नॉर्थ पुलिस ने जून माह में राष्ट्रीय जनहित संस्थान व राष्ट्रीय जनकल्याण संस्थान नामक एनजीओ विनोद कुमार कुमार नामक शख्स को बच्चे उपलब्ध कराने के आरोप में पकड़ा था। इसके साथ शिखा, वीना और अनिल पांडेय को भी दबोचा गया था।
फर्जी तरीके से अपने अस्पताल में भर्ती दिखाता था महिला
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया था, जो महिलाएं बच्चे गोद लेती हैं, उनको पक्के कागजात देने के लिए नंद किशोर फर्जी तरीके से अपने अस्पताल में भर्ती दिखाता था।
एनजीओ गरीब माता-पिता से उनके बच्चों का भी सौदा करते थे। पुलिस ने नंद किशोर के दोनों अस्पताल से आउट डोर पेशेंट रजिस्टर, इनडोर पेशेंट रजिस्टर और कुछ फाइल बरामद की हैं।
पुलिस नंद किशोर से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।