Honeytrap: लोगों को कमरे में बुलाती थी महिला, फिर तीन 'पुलिसवाले' देते थे दबिश, इसके बाद होता था खेल
हनीट्रैप के एक मामले में एक आरोपी पहले भी गिरफ्तार हो चुका है। उसने हनीट्रैप में लोगों को फंसाने की साजिश सीखी और फेसबुक के जरिए एक लड़की के संपर्क में आया। इसके बाद सभी ने एक गैंग बनाया।
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नकली पुलिसकर्मी बनकर लोगों को हनीट्रैप में फंसाकर जबरन वसूली करने वाले तीन आरोपियों को बाहरी जिला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी एक महिला की मदद से लोगों को फेसबुक के जरिए जाल में फंसाते थे। इसके बाद खुद पुलिसकर्मी बनकर कमरे पर दबिश देकर पीड़ित को दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देकर पैसे की वसूली करते थे। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने पुलिस की वर्दी बरामद की है।
जिला पुलिस उपायुक्त समीर शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव दुल्हेरा, झज्जर, हरियाणा निवासी पवन, गांव भाली, रोहतक हरियाणा निवासी मनजीत और सांपला, रोहतक हरियाणा निवासी दीपक के रूप में हुई है। गाजियाबाद के शास्त्री नगर निवासी अनिल कुमार ने 1 मई को पश्चिम विहार ईस्ट थाने में उगाही की शिकायत की।
उसने बताया कि फेसबुक के जरिए एक महिला से जान पहचान हुई थी। महिला ने उसे पश्चिम विहार स्थित एक फ्लैट पर मिलने के लिए बुलाया। वह महिला के साथ कमरे में थे। इसी दौरान पुलिस की वर्दी में तीन लोग वहां पहुंचे और उसकी पिटाई कर दी। आरोपी उसे दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देकर उससे डेढ़ लाख रुपये की वसूली कर ली।
मामले की जांच का जिम्मा जिला के स्पेशल स्टाफ को सौंपा गया। फ्लैट के मालिक से पूछताछ में एक संदिग्ध व्यक्ति की पहचान पवन के रूप में हुई। जिसने फ्लैट का रेंट एग्रीमेंट किया था। पीड़ित ने पवन की फोटो से उसकी पहचान कर ली। मकान मालिक ने बताया कि पवन दोस्तों के साथ फ्लैट में रहता था। इनके पास एक महिला आती थी।
पुलिस को पता चला कि सभी आरोपी फ्लैट में रखे सामान लेने आ रहे हैं। पुलिस ने ज्वालाहेड़ी से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पवन इस मामले की मास्टरमाइंड है। हनीट्रैप के एक मामले में नीरज पहले भी गिरफ्तार हो चुका है। पवन नीरज से हनीट्रैप का गुर सीखा और फेसबुक के जरिए हनीप्रीत नाम की लड़की के संपर्क में आया। सभी ने एक गैंग बनाया। साथ ही उन लोगों ने वारदात के लिए पश्चिम विहार में एक फ्लैट किराए पर लिया।
हनीप्रीत ने फेसबुक पर रितु बंसल के नाम से एक फर्जी खाता खोला। वह शिकायतकर्ता से वीडियो चैट के जरिए बात की और उसे अपने फ्लैट पर बुलाया। शिकायतकर्ता के फ्लैट पर आने के बाद मंजीत उप निरीक्षक और अन्य आरोपी नकली पुलिसकर्मी बनकर वहां पहुंचे और वारदात को अंजाम दिया।