'ईमानदार केजरीवाल बनाम मौकापरस्त बेदी'
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आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा की मुख्यमंत्री उम्मीदवार किरण बेदी को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी एक साथ कई तरीकों से बेदी को घेरेगी।
दिल्ली के ऑटो पर ईमानदार केजरीवाल बनाम मौकापरस्त बेदी के पोस्टर दिखेंगे। पार्टी सूत्र बताते हैं कि अभियान शनिवार से शुरू होने जा रहा है। सोशल मीडिया, एफएम रेडियो के साथ ऑटो भी इसका जरिया बनेंगे।
काफी विचार विमर्श के बाद पार्टी को ईमानदार बनाम मौकापरस्त का अभियान सबसे बेहतर लगा। सूत्र बताते हैं कि अकेले इसी अभियान में बेदी पर कई मोर्चों से वार होगा।
केजरीवाल के बुलावे पर बेदी का इनकार
इससे साबित करने की कोशिश होगी कि बेदी मौकापरस्त हैं। इसमें बीते चुनाव में केजरीवाल के बुलावे पर बेदी का इनकार, चुनाव से पंद्रह दिन पहले मुख्यमंत्री की उम्मीदवारी मिलने के बाद ही भाजपा में शामिल होने, भाजपा की सबसे सुरक्षित सीट कृष्णा नगर से चुनाव लड़ने जैसे मसलों को शामिल किया गया है।
आप के वरिष्ठ नेता ने बताया कि पिछले दस महीनों में भाजपा नेताओं ने एक के बाद एक महिला विरोधी बयान दिए हैं। जबकि किरण बेदी को लौह महिला के तौर पर दिखाया जा रहा है। पार्टी और बेदी के बीच यह बड़ा विरोधाभास है। आप इसे जनता के बीच लाएगी।
कुछ ऐसे होंगे किरण बेदी से सवाल:
कई मौके आने के बाद भी बेदी भाजपा में क्यों शामिल नहीं हुईं?
केजरीवाल ने एक-एक ईंट जोड़कर पार्टी खड़ी थी। फिर भी बेदी ने केजरीवाल के मुख्यमंत्री बनने के न्योते का स्वीकार क्यों नहीं किया?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नेतृत्व क्षमता का आभास सात महीनों में क्यों नहीं हुआ?
मुख्यमंत्री की गद्दी मिलने का आश्वासन मिलने के बाद ही भाजपा में क्यों गईं?
दिल्ली की सबसे सुरक्षित सीट कृष्णा नगर को ही क्यों चुना?
भाजपा नेता महिला विरोधी बयान दे रहे हैं, जबकि बेदी की शख्सियत को आगे रखकर पार्टी चुनाव लड़ रही है। इस विरोधाभास पर बेदी का क्या नजरिया है?