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होमगार्ड ड्यूटी घोटाला प्रकरणः एसआईटी के पास 200 सीडीआर, खंगाली जा रही लोकेशन
Sun, 05 Jan 2020 07:17 PM IST
Vikas Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर
संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर
Published by: Vikas Kumar
Updated Sun, 05 Jan 2020 07:17 PM IST
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होमगार्ड सैलरी स्कैम मामला
- फोटो : अमर उजाला
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होमगार्ड ड्यूटी घोटाले में कई बड़े अधिकारियों के फंसने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। एसआईटी 200 होमगार्ड की सीडीआर निकलवाने के लिए टेलीकॉम कंपनियों से संपर्क साधा था। रिपोर्ट जांच टीम के पास आ गई है। अब सभी सीडीआर का ड्यूटी के समय की लोकेशन के साथ मिलान किया जा रहा है।
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बता दें कि बीते दिनों नोएडा में हुए होमगार्ड ड्यूटी घोटाले के बाद मेरठ जोन के आईजी आलोक सिंह के आदेश पर एसएसपी बुलंदशहर ने भी होमगार्ड ड्यूटी की जांच कराने के लिए एसपी सिटी को निर्देश दिए थे। एसपी सिटी ने इस मामले में एक कंपनी कमांडर और एक प्लाटून कमांडर के खिलाफ भ्रष्टाचार की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में इस केस की जांच के लिए एसआइटी का गठन कर दिया था। जिसके नोडल अधिकारी सीओ सिटी राघवेंद्र मिश्र को बनाया गया था।
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फिलहाल सीओ सिटी की एसआइटी पूरे मामले की जांच कर ही है। सूत्रों की मानें तो कागजों में होमगार्ड की ड्यूटी नगर कोतवाली, देहात कोतवाली आदि थानों में थी, लेकिन सीडीआर में ड्यूटी के समय की लोकेशन संबंधित होमगार्ड के गांव की आ रही है। जबकि, इन होमगार्डों का पूरा वेतन लिया गया है। सीडीआर में सामने आया है कि एक होमगार्ड से एक बड़े अधिकारी की प्रतिदिन पांच से 10 मिनट तक बातचीत हो रही है।
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इनकी ड्यूटी में मिला था घोटाला
कोतवाली देहात में होमगार्ड शीशपाल की आमद हुई, लेकिन ड्यूटी नहीं की। इस होमगार्ड का जून और जुलाई का वेतन पूरा ले लिया गया। स्याना थाने में होमगार्ड ओमकार, राजेश, देवेंद्र का भी इसी तरह से फर्जीवाड़ा मिला है। नरसेना थाने में सुनील, छत्रपाल, साधुराम, मूलचंद, नरेश सिंह, देवदत्त, कुंवरपाल, लाजपत, सुनील, रामवीर, यतेंद्र, सुभाष चौधरी, होमपाल, नरेश सिंह, गोविंदा सिंह, लाजपत, यतेंद्र सिंह, समसुदीप, सुनील कुमार, ब्रजपाल, श्यामसिंह, मुकेश चंद, राजेश कुमार, राजेंद्र सिंह, कृष्णपाल सिंह, पुरुषोत्तम, श्याम सिंह, चतरू सिंह, मुकेश चंद, राजेश कुमार, देवेंद्र सिंह आदि होमगार्ड की ड्यूटी में खेल किया गया।
होमगार्ड कमांडेंट हुए थे निलंबित
होमगार्ड घोटाले के दौरान तत्कालीन होमगार्ड कमांडेंट मुकेश कु मार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें होमगार्ड कमांडेंट किसी होमगार्ड से रुपये लेते नजर आ रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि कमांडेंट ड्यूटी लगाने के नाम पर रिश्वत ले रहे थे। जिसके बाद उन्हें लखनऊ स्तर से निलंबित कर मुख्यालय से अटैच कर दिया गया था।
कुछ होमगार्डों की सीडीआर निकलवाई गई थी। टेलीकॉम कंपनियों से उक्त सीडीआर आ चुकी हैं। होमगार्ड अपनी ड्यूटी के समय कहां पर था। इसका मिलान किया जा रहा है। कुछ लोकेशन में गड़बड़ मिल चुकी है। जल्द ही जांच पूरी कर ली जाएगी।
- राघवेंद्र मिश्र, एसआईटी प्रभारी व सीओ सिटी