अल आफिया के डॉक्टरों ने किया कूल्हे का प्रत्यारोपण
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पिछले एक वर्ष से टूटे हुए कूल्हे से परेशान महानगरों में बड़े डाक्टरों से जांच करवाने के बाद भी ठीक नहीं हो रहे दो लोगों के कूल्हे का अल-आफिया अस्पताल के डाक्टरों ने सफलतापूर्ण प्रत्यारोपण कर दिया है। जबकि एक व्यक्ति की जांघ की टूटी हुई हड्डी को भी जोड़ने में सफलता प्राप्त की है।
साधन एवं संसाधनों के अभाव के चलते अल-आफिया अस्पताल के सर्जन एवं डाक्टर गरीब लोगों का सफलतापूर्ण तरीके से आपरेशन कर रहे हैं। मांड़ीखेड़ा का 48 वर्षीय टेकचंद का कूल्हा टूटा हुआ था। पिछले एक वर्ष से वह महानगरों में जाकर अपना उपचार करवाना चाह रहा था। डाक्टरों को दिखाया। लेकिन उसका ब्लड प्रैशर काफी कम होने की वजह से डाक्टर उपचार नहीं कर सके।
टेकचंद अल-आफिया अस्पताल में अपने कूल्हे का प्रत्यारोपण करवाने के लिए डाक्टरों के पास गया। डाक्टरों ने उसके कम रक्तचाप को नियंत्रित कर सफलता पूर्ण तरीके से आपरेशनकर उसके कूल्हे का प्रत्यारोपण कर दिया।
ऐसा की कुछ बनारसी गांव के 67 वर्षीय इसहाक के साथ हुआ। लेकिन इसका बल्ड प्रैशर काफी ज्यादा था। एक वर्ष से परेशान था। अल-आफिया अस्पताल के डाक्टरों ने काफी मशक्कत कर इसके ब्लड़ प्रैशर को नियंत्रित कर इसका भी सफलता पूर्वक तरीके से कूल्हे का प्रत्यारोपण किया।
कूल्हे का प्रत्यारोपण होने के बाद अल-आफिया अस्पताल में उपचाराधी टेकचंद एवं इसहाक काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि इन आपरेशन को करवाने के लिए उनको बड़े अस्पतालों में लाखों रुपये खर्च करने पड़ते उसके बाद भी ब्लड़ प्रैशर की समस्या को लेकर हो सकता है डाक्टर हाथ उठा देते। लेकिन अल-आफिया अस्पताल के डाक्टरों ने उनका निशुल्क आपरेशन सफलतापूर्ण तरीके से किया है। केवल उनको कूल्हा ही बाजार से खरीदकर लाना पड़ा था।
सिंगार गांव के 48 वर्षीय जमील की जांघ की हड्डी इतनी बुरी तरह से टूटी की हड्डी टूटकर हड्डी के उपर चढ़ गई और हड्डी में फंस गई। तड़पता हुआ जमील अल-आफिया अस्पताल पहुंचा। काफी आराम तो उसके डाक्टरों के बोलचाल के तरीके एवं उसके साथ किए गए व्यवहार से ही पड़ गया था। इसका भी ब्लड़ प्रैशर अनियंत्रित था। लेकिन अल-आफि या अस्पताल के डाक्टरों ने कई दिनों तक इसके साथ मेहनत करके इसका ब्लड़ प्रैशर नियंत्रण में कर इसकी जांघ में प्लेट डालने के साथ-साथ हड्डी डाली।
अल-आफिया अस्पताल में उपचाराधीन जमील ने बताया कि ब्लड़ प्रैशर की वजह से डाक्टरों ने पहले तीन बार उसका आपरेशन करने से मना कर दिया था। लेकिन अल-आफिया अस्पताल में डाक्टरों ने न केवल ब्लड़ प्रैशर को नियंत्रित किया बल्कि उसके पैर में प्लेट डालने के साथ-साथ हड्डी भी आपरेशन कर डाल दी और वह अब काफी हद तक अपने आप को ठीक महसूस कर रहा है।
इन मरीजों का सफलतापूर्ण तरीके से आपरेशन करने की टीम में हड्डीरोग विशेषज्ञ डा0 फारुख अहमद, डा0 नसीम अहमद, एनेस्थिसिया के डा0 गोबिंद शरण एवं इनके साथ स्टाफ नर्स प्रतिभा मौजूद थीं। अल-आफिया अस्पताल में आपरेट हुए तीनों मरीज रह-रहकर अल- आफिया अस्पताल के इन डाक्टरों का दुआएं दे रहे हैं। इन्होंने कहा कि रक्तचाप की वजह से कई डाक्टरों द्वारा आपरेशन करने से मना करने के बाद इन डाक्टरों ने आपरेशन कर उनको स्वस्थ कर दिया है।
सिविल सर्जन ने डाक्टरों की थपथपाई पीठ-
र्कायकारी सिविल सर्जन मेवात डा. कमल मेहरा ने कहा कि अल-आफिया के इन डाक्टरों ने पहले भी ऐसे लोगों के आपरेशन किए हैं। जिनको महानगरों के डाक्टरों ने आपरेट करने से मना कर दिया था। उन्होंने सफलता पूर्वक दो मरीजों के कूल्हे बदलने तथा एक व्यक्ति की जांघ ही हड्डी को जोड़ने पर डाक्टरों की पीठ थपथपाई है।