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मुराद और सौहार्दः तिहाड़ में 150 हिंदू कैदियों ने भी रखा रोजा
Wed, 15 May 2019 12:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 15 May 2019 12:54 AM IST
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Tihar jail
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कहने को तिहाड़ जेल है लेकिन कई बार वहां से भी सामाजिक सौहार्द की खबरें आ जाती हैं। रमजान के दौरान भी कुछ ऐसा ही है। बताया गया है कि वहां करीब 150 हिंदू कैदियों ने भी रोजा रखा है। एक अधिकारी के मुताबिक इस बार रोजा रखने वाले हिंदू कैदियों की संख्या पहले से अधिक हो गई है।
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एक वरिष्ठ जेल अधिकारी ने बताया कि पिछले साल 59 हिंदू कैदियों ने रोजा रखा था और इस बार यह संख्या मोटे तौर पर तीन गुना ज्यादा है। जानकारी के अनुसार तिहाड़ की विभिन्न जेलों में 16,665 कैदी हैं। इनमें से 2,658 कैदियों ने रोजा रखा है। इनमें हिंदू और मुसलमान दोनों शामिल हैं। जेल में रोजादार कैदियों के लिए विशेष इंतजाम किये गए हैं।
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बताया जाता है कि मई महीने के पहले सप्ताह में कई हिंदू कैदी जेल अधिकारी से मिले और उन्हे रमजान के दौरान रोजा रखने की सूचना दी। कैदियों ने रोजा रखने का यूं तो अलग-अलग कारण बताया लेकिन अधिकांश का कहना था कि वे अपने मुसलमान साथियों के साथ सौहार्द की खातिर रोजा रख रहे हैं।
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हो सकता है कि वे इस बात को उजागर न करना चाहते हों कि जेल में आने के बाद वे धर्म की राह पर हैं। जेल अधिकारी के अनुसार हमने देखा है कि जेल में आने के बाद 80 से 90 फीसदी कैदी धार्मिक हो जाते हैं। धर्म शांति की राह दिखाता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कुछ कैदियों का यह भी मानना है कि अगर वे ईश्वर से प्रार्थना करेंगे तो जल्ह रिहा हो जाएंगे।
एक अन्य जेल अधिकारी ने बताया कि नवरात्रि के दौरान भी इसी किस्म का सौहार्द देखने को मिलता है। उस समय भी बड़ी संख्या में मुसलमान कैदी हिंदू बंदियों के साथ उपवास रखते हैं। ऐसा तिहाड़ ही नहीं, दूसरी जेलों में भी होता है।