40 फीट की रस्सी पर टिकी हैं 328 फीट ऊंची इमारतें
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तीन फायर एक्सटिंग्यूशर, 40 फीट की डेढ़ इंच मोटी दो रस्सी, 35 फुट ऊंचाई की तीन सीढ़ियां, 23 हेलमेट वो भी उधार के, 120 बाल्टी और 35 बेलचे।
इन चंद सामानों के जरिए नागरिक सुरक्षा नियंत्रण केंद्र दिल्ली-एनसीआर व हरियाणा के सबसे ऊंची बिल्डिंग वाले साइबर सिटी की
सुरक्षा कर रही है।
अब इन मौजूद संसाधनों से पता चलता है कि नागरिक सुरक्षा नियंत्रण केंद्र नागरिकों की सुरक्षा के लिए कितनी मुसतैद है? सिविल लाइन स्थित नागरिक सुरक्षा नियंत्रण एवं उपनियंत्रण केंद्र का दफ्तर इसकी बदहाली का आलम बयां करने के लिए काफी है।
एक छोटे से कमरे के कोने पर रखे आपदा प्रबंधन के सामान मुसीबत के समय निपटने के इंतजाम को बयां करती है। नेपाल जैसे भूकंप की सूरत में संसाधन के अभाव में यह केंद्र खुद की हिफाजत करने में सक्षम नहीं है।
आपदा में राहत की उम्मीद होगी बेमानी !
16 लाख की आबादी वाले साइबर सिटी के लोगों की सुरक्षा की बात या आपदा के समय इससे राहत की उम्मीद करना ही बेमानी है। जबकि हरियाणा होम गार्ड एंड नागरिक सुरक्षा सेवा 1979 के तहत लोगों की सुरक्षा इसका दायित्व बनता है।
साइबर सिटी में हाई राइज बिल्डिंग की संख्या बढ़ती जा रही है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के मुताबिक दो दर्जन से अधिक बिल्डिंग 328 फीट से अधिक है।
40 फीट की रस्सी और 35 फुट की सीढ़ी लेकर ऊंची इमारत की तरफ देखना ही असंभव है। इतना ही नहीं किसी हादसे के बाद तुरंत पहुंचने के लिए कोई वाहन ही नहीं है।
औद्योगिक शहर के नाते आगजनी, औद्योगिक आपदा और केमिकल आपदा का खतरा शहर पर हमेशा बना रहता है।
भूकंप से हो सकती है भारी तबाही
आपदाओं में वहां पर राहत कार्य शुरू करना भी संभव नहीं है। विभाग के पास लाइफ स्पोर्ट जैकेट या अग्निरोधक जैकेट तक नहीं है। राहत काम के दौरान सिर बचाने के लिए हेलमेट भी दूसरे विभाग के उधार लिए है।
हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (हिपा) के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख डॉ. अभय कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक गुड़गांव भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है।
ऊंची इमारतों को सबसे अधिक खतरा है। हाईवे पर ढोने वाली केमिकल और उद्योगों की वजह औद्योगिक आपदा का खतरा हर लगातार बना हुआ है।
‘सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट’ ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ‘राष्ट्रीय भवन संहिता’ (नेशनल बिल्डिंग कोड) का पालन नहीं होने की वजह से धरती की कंपकंपी बड़ी त्रासदी का मंजर दिखाएगी।