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बिना ड्राइवर के दौड़ेगी मोदी की हाई स्पीड ट्रेन

Wed, 13 Aug 2014 08:48 PM IST
Updated Wed, 13 Aug 2014 08:48 PM IST
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High-speed train is driver-free.

देश में पहली बार पानीपत से कश्मीरी गेट और सराय काले खां से मेरठ के बीच दौड़ने वाली हाई स्पीड ट्रेनें ड्राइवरलेस (चालक रहित) होगी। यूपी और हरियाणा सरकार की सहमति के बाद केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय प्रोजेक्ट को हरी झंडी देगा। विभिन्न विभागों ने इस पर काम शुरू कर दिया है। हालांकि शुरुआत में ट्रेन में ड्राइवर होंगे, लेकिन बाद में ड्राइवर हट जाएंगे।

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ट्रेन के लिए खास तरह के कोच, ट्रैक व सिस्टम तैयार किए जाएंगे। यह यूरोपियन रेल ट्रैफिक सिस्टम के तहत जीएसएम से चलेगा। पानीपत से कश्मीरी गेट रूट का ट्रैक सौ किलोमीटर एलिवेटेड और 2.7 किलोमीटर अंडरग्राउंड होगा। इसमें कश्मीरी गेट अंडरग्राउंड और पानीपत आखिरी स्टेशन जमीन पर होगा।
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सराय काले खां से मेरठ ट्रैक 60 किलोमीटर एलिवेटेड और 30 किलोमीटर अंडरग्राउंड होगा। डिजाइन व तकनीक सन फ्रांसिसको यूएस, आरईपी पेरिस व लंदन की साउथ ईस्टर्न हाई स्पीड ट्रेन के सर्वे पर आधारित है। शहरी विकास मंत्रालय, दिल्ली सरकार के विभागों की बैठक गत दिनों हुई, जिसमें दोनों रूटों पर हाईस्पीड ट्रेनों की रूपरेखा तैयार हुई है।

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हवाई जहाज की तरह होगा कोच का डिजाइन

High-speed train is driver-free.

हाई स्पीड ट्रेन के कोच का डिजाइन एयरलाइंस की तर्ज पर होगा। इसमें ट्रेन चलने की दिशा की ओर सीट में यात्री बैठेंगे। कोच में एक साइड तीन सीट तो दूसरी तरफ दो सीटें होंगी। एक कोच दस करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा, जोकि जापान, जर्मनी आदि देशों से आएंगे।

एक कोच में 225 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। हालांकि हाई स्पीड ट्रेन के कोच देखने में दिल्ली मेट्रो के कोच की तरह लगेंगे, लेकिन असल में दोनों की लंबाई व चौड़ाई में अंतर होगा। हाई स्पीड ट्रेन के कोच दिल्ली मेट्रो कोच से लगभग तीन मीटर लंबे (दस फीट) और चौड़ाई में लगभग आधा मीटर (दो फीट) अधिक चौड़े होंगे।

प्लेटफॉर्म और ट्रैक के बीच होगी शीशे की दीवार

High-speed train is driver-free.

पानीपत से कश्मीरी गेट और सराय काले खां से मेरठ रूट के सभी स्टेशनों का डिजाइन 12 कोच की ट्रेन के खड़े होने के आधार पर किया जा रहा है।

हालांकि शुरुआत में यात्रियों को हाई स्पीड ट्रेन के दोनों रूट में छह कोच की ट्रेन और फिर नौ कोच की ट्रेन व बाद में 12 कोच की ट्रेन में सफर करने का मौका मिलेगा।

वहीं, दुर्घटना रोकने के लिए सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म और ट्रैक के बीच शीशे की दीवार होगी। ट्रेन आने के बाद पहले प्लेटफार्म और उसके बाद ट्रेन के दरवाजे खुलेंगे।

स्टेशनों की दूरी कम होने से आया अंतर

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कश्मीरी गेट से पानीपत हाई स्पीड ट्रेन की आपरेशनल स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। क्योंकि इस रूट पर सभी स्टेशन लगभग दस किलोमीटर की दूरी से अधिक हैं। सराय काले खां से मेरठ के बीच चलने वाली हाई स्पीड ट्रेन की स्पीड 100 से 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की होगी।

सराय काले खां से मेरठ रूट में कई स्टेशनों की दूरी तीन से चार व पांच किलोमीटर के बीच है। ऐसे में ट्रेन स्पीड नहीं पकड़ सकती है। हाई स्पीड ट्रेन चलाने के लिए दो स्टेशनों के बीच कम से कम दस किलोमीटर की दूरी जरूरी है। जबकि साहिबाबाद से मोहन नगर 2.4 कि मी, शताब्दी नगर से एचआरएस की दूरी 3.10 किमी, एचआरएस से बेगमपुल की दूरी 3.4 किमी है।

इसके चलते इन इलाकों से ट्रेन की स्पीड 90 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। दोनों रूट की स्पीड में अंतर आने के चलते पानीपत से कश्मीरी गेट के बीच कुल 111.2  किलोमीटर की दूरी यात्री एक घंटे में पूरी कर सकेंगे। सराय काले खां से मेरठ के बीच दौड़ने वाली हाई स्पीड ट्रेन कुल 90 किलोमीटर की दूरी सवा घंटे में पूरी करेगी।

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