{"_id":"68e57d444d2d810c600fce9d","slug":"high-court-upset-over-delay-in-transgender-reservation-2025-10-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Delhi: ट्रांसजेंडर आरक्षण में देरी पर हाईकोर्ट नाराज, उदासीनता को लेकर केंद्र-दिल्ली सरकार के लिए कड़ी फटकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi: ट्रांसजेंडर आरक्षण में देरी पर हाईकोर्ट नाराज, उदासीनता को लेकर केंद्र-दिल्ली सरकार के लिए कड़ी फटकार
Wed, 08 Oct 2025 06:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 08 Oct 2025 06:00 AM IST
विज्ञापन
दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : ANI
दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को ट्रांसजेंडर समुदाय को आरक्षण में देरी पर कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि 2014 के सुप्रीम कोर्ट के एनएएलएसए (नालसा) फैसले के बावजूद सार्वजनिक नौकरियों में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए आरक्षण नीति लागू करने में देरी हो रही है। इस मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने सरकार की उदासीनता पर नाराजगी जताई और याचिका को जनहित याचिका में बदल दिया। अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी।
विज्ञापन
एक ट्रांसजेंडर ने दिल्ली हाईकोर्ट में कोर्ट अटेंडेंट की भर्ती के लिए दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसबी) की ओर से जारी विज्ञापन को चुनौती दी। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि विज्ञापन में ट्रांसजेंडरों के लिए आरक्षण का प्रावधान नहीं किया गया, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान पता चला कि दिल्ली सरकार ने 2021 में उम्र और योग्यता अंक में छूट देने की अधिसूचना जारी की थी, लेकिन इसे नौकरी के विज्ञापन में लागू नहीं किया गया। कोर्ट ने कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय की समाज में समावेश और प्रभावी भागीदारी के लिए सरकार को इस दिशा में नीतिगत निर्णय लेना चाहिए था, जैसा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) फैसले में अनिवार्य किया गया था। कोर्ट ने नोट किया कि 2014 के फैसले के बाद भी सार्वजनिक नौकरियों में आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।
विज्ञापन
10 दिनों के अंदर फैसला ले सरकार
कोर्ट ने दिल्ली सरकार को 10 दिनों के भीतर डीएसएसबी विज्ञापन के तहत ट्रांसजेंडरों के लिए आरक्षण और छूट पर उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया। साथ ही, अगर उम्र में छूट दी जाती है, तो आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख एक माह बढ़ाई जाएगी। कोर्ट ने सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, दिल्ली सरकार के सामाजिक कल्याण विभाग और राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद को नोटिस जारी किया।