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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   High Court takes a tough stance on DTC strike; says government should decide on invoking ESMA.

Delhi NCR News: डीटीसी हड़ताल पर हाईकोर्ट सख्त, कहा-एस्मा लगाने पर सरकार ले फैसला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2026 06:22 PM IST
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अदालत ने पूछा- आवश्यक सेवा कानून के प्रावधान क्यों नहीं किए लागू, 96 फीसदी बसें चलने का दावा
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- हड़तालियों पर एस्मा लगाने की फाइल सरकार को भेजी गई

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में डीटीसी बस कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को सख्त रुख अपनाया। अदालत ने दिल्ली सरकार और दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (डीटीसी) से पूछा कि हड़ताल कर रहे बस चालकों के खिलाफ आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (एस्मा) के प्रावधान क्यों नहीं लागू किए गए।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में हड़ताल के कारण सार्वजनिक परिवहन सेवा प्रभावित होने का मुद्दा उठाया गया था। डीटीसी की ओर से पेश अधिवक्ता अवनीश अहलावत ने अदालत को बताया कि ड्राइवरों का कोई यूनियन नहीं है। कुछ लोग व्हाट्सएप संदेशों के जरिए हड़ताल का आह्वान कर रहे हैं और बसों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य करने के लिए डीटीसी ने कदम उठाए हैं और करीब 96 फीसदी बसें सड़कों पर वापस आ गई हैं। एस्मा लागू करने के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है।
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अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए दिल्ली सरकार को कानून के अनुसार एस्मा लागू करने पर निर्णय लेने को कहा। खंडपीठ ने उम्मीद जताई कि सरकार मामले की समीक्षा कर आवश्यक फैसला करेगी, ताकि डीटीसी बसों का संचालन जारी रहे। अदालत ने यह भी कहा कि स्थिति में सुधार नहीं होने पर याचिकाकर्ता दोबारा हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।
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डीटीसी बस चालक, कंडक्टर और अन्य कर्मचारी 15 सितंबर से वेतन वृद्धि समेत विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। याचिकाकर्ता अमी सिसोदिया ने कहा कि बस सेवा बाधित होने से महिलाओं समेत लाखों यात्रियों को महंगे वैकल्पिक परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। छात्र, दिहाड़ी मजदूर, कर्मचारी, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग भी प्रभावित हैं। हड़ताल के चलते दिल्ली मेट्रो पर भी यात्रियों का दबाव बढ़ने की बात याचिका में कही गई है।
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