फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   High Court takes a stern view of fake claims regarding the London badminton tournament; order reserved.

Delhi NCR News: लंदन बैडमिंटन टूर्नामेंट से जुड़े फर्जी दावों पर हाईकोर्ट सख्त, आदेश सुरक्षित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2026 08:08 PM IST
विज्ञापन
विवादित पोस्ट हटाने और अकाउंट धारकों की जानकारी देने के निर्देश
विज्ञापन

केंद्र ने बताया-75 जजों के लंदन दौरे का दावा पूरी तरह झूठा

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली।दिल्ली हाई कोर्ट ने बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) की उस याचिका पर शुक्रवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया, जिसमें सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित फर्जी और भ्रामक सामग्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका में दावा किया गया है कि कुछ सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह झूठी जानकारी फैलाई गई कि जज, केंद्रीय मंत्री और कार्यपालिका के सदस्य सरकारी खर्च पर लंदन में आयोजित एक बैडमिंटन टूर्नामेंट में शामिल हुए थे।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान अदालत ने सोशल मीडिया इंटरमीडियरी और डिजिटल प्लेटफॉर्म को विवादित सामग्री हटाने का निर्देश दिया। साथ ही उन खाताधारकों की जानकारी उपलब्ध कराने को भी कहा, जिन्होंने संबंधित पोस्ट अपलोड या साझा की थीं। अदालत ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को मामले की जांच कर कानून के अनुरूप उचित कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया।
विज्ञापन


याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि सोशल मीडिया पर सुनियोजित तरीके से गलत जानकारी फैलाई गई। इन पोस्ट में दावा किया गया कि लगभग 75 जज सरकारी खर्च पर लंदन में आयोजित बैडमिंटन टूर्नामेंट में शामिल हुए थे। बीएआई ने कहा कि यह दावा पूरी तरह निराधार है और न्यायपालिका की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है।
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिका के अनुसार, विवाद 7 जून 2026 को लंदन में आयोजित दूसरी इंटरनेशनल बार एंड बेंच बैडमिंटन चैंपियनशिप से जोड़ा गया। हालांकि, सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरें वास्तव में 29 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में आयोजित ऑल इंडिया जजेज बैडमिंटन चैंपियनशिप की थीं। इन तस्वीरों को गलत संदर्भ में पेश कर लंदन आयोजन से जोड़कर वायरल किया गया।
मुख्य न्यायाधीश ने लंदन में किसी बैडमिंटन टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया था : सॉलिसिटर जनरल
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने सॉलिसिटर जनरल का बयान रिकॉर्ड पर रखा। इसमें स्पष्ट किया गया कि देश के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ तथा केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और किरेन रिजिजू को लंदन में बैडमिंटन खेलते हुए दिखाने वाली पोस्ट भ्रामक और तथ्यहीन हैं। सरकार ने बताया कि संबंधित तस्वीरें दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के ‘बार एंड बेंच’ बैडमिंटन टूर्नामेंट की हैं, जिसमें कई जज और वकीलों ने हिस्सा लिया था।
मुख्य न्यायाधीश लंदन केवल आधिकारिक दौरे पर गए थे
केंद्र ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्य न्यायाधीश लंदन केवल आधिकारिक दौरे पर गए थे। वहां उन्होंने इंग्लैंड एवं वेल्स के मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात की और अन्य आधिकारिक कार्यक्रमों में भाग लिया। सरकार के अनुसार, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और किरेन रिजिजू उस अवधि में लंदन गए ही नहीं थे। वहीं, केवल इलाहाबाद हाई कोर्ट के दो न्यायाधीश निजी तौर पर लंदन गए थे।

फैक्ट चेक के बावजूद सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएं प्रसारित होती रहीं
केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि फैक्ट चेक के बावजूद सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएं प्रसारित होती रहीं। याचिका में आईटी अधिनियम, 2000 के तहत कार्रवाई करते हुए फर्जी खबर फैलाने वालों की पहचान करने की मांग की गई है। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed