फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   High Court serious:

हाईकोर्ट: ‘कूड़ा उठवाने की व्यवस्था करे MCD’

Sat, 06 Feb 2016 10:38 AM IST
Updated Sat, 06 Feb 2016 10:38 AM IST
विज्ञापन
High Court serious:

हाईकोर्ट ने वेतन मिलने के बावजूद सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के मामले को गंभीरता से लिया है। अदालत ने कहा राजधानी में कूड़े से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। कोर्ट ने तीनों एमसीडी से संबंधित कर्मचारियों की 38 यूनियनों, डॉक्टर, नर्स व शिक्षकों की यूनियन व तीनों एमसीडी को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।

विज्ञापन


इसके अलावा पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया कि कूड़ा उठाने वाले प्राइवेट कर्मचारी को कोई बाधा न पहुंचाए, इस पर नजर रखें। साथ ही तीनों एमसीडी को कूड़ा उठवाने की व्यवस्था करने के लिए कहा।
विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी व न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ ने सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर दायर नई याचिका पर सुनवाई करते हुए तीनों एमसीडी व दिल्ली सरकार के वकील को तलब किया। दिल्ली सरकार ने कहा कि हमने एमसीडी को 550 करोड़ रुपये दे दिए हैं। वहीं तीनों एमसीडी ने कहा कि वे कर्मचारियों को 31 जनवरी 2016 तक का वेतन दे चुके हैं और अब कर्मचारियों ने डीए व भत्तों की नई मांग रख दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आखिर अब तक आप क्या कर रहे हैं

High Court serious:

अदालत ने तीनों एमसीडी व सरकार के उस तर्क को खारिज कर दिया कि अदालत कर्मचारियों की हड़ताल को गैरकानूनी ठहराते हुए कार्रवाई का निर्देश दें। अदालत ने कहा कि आखिर अब तक आप क्या कर रहे हैं।


दिल्ली सरकार के उस तर्क को भी खारिज कर दिया कि एमसीडी को पैसा दे दिया है लेकिन डीडीए पर करोड़ों बकाया है। एमसीडी को उससे बकाया वसूलना चाहिए। अदालत ने कहा कि हम इस विवाद में नहीं पड़ना चाहते कि कौन किस से वसूली करे।

हम मात्र यह चाहते हैं कि सफाई हो और कूड़ा समय पर उठाया जाए। इस प्रकार से गंदगी फैलने से लोगों को परेशानी हो रही है और उनकी परेशानी का समाधान होना चाहिए।

यदि कर्मचारी काम नहीं करते तो आप कार्रवाई करें

High Court serious:

अदालत ने कहा कि वेतन मिलने के बावजूद कर्मचारी यदि हड़ताल पर हैं तो आखिर वे चाहते क्या हैं। आप क्या कर रहे हैं। कानूनी आवश्यक सेवा अधिनियम है यदि कर्मचारी काम नहीं करते तो आप कार्रवाई करें।

अदालत ने सभी यूनियन को नोटिस जारी कर स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि आखिर वेतन मिलने के के बावजूद वे हड़ताल पर क्यों है।

उनके खिलाफ क्यों न कार्रवाई की जाए। इसी प्रकार अदालत ने तीनों एमसीडी को डॉक्टर, नर्स व शिक्षकों के वेतन के मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले की 8 फरवरी को सुनवाई की जाएगी।

साउथ एमसीडी के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि हमारे कुल चार जोन हैं और 2 जोन में 40 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल से वापस आ गए हैं। जो नहीं आ रहे उनकी गैर हाजिरी लगा कर नोटिस जारी किया गया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कूड़ा उठाने के लिए निजी ठेकेदारों की सेवाएं ले रहे हैं

High Court serious:

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को 31 जनवरी तक का वेतन दे दिया है। वहीं कूड़ा उठाने के लिए निजी ठेकेदारों की सेवाएं ले रहे हैं। ईस्ट एमसीडी के अधिवक्ता ने कहा कि उन्हें बृहस्पतिवार को ही दिल्ली सरकार से पैसा मिला है और शुक्रवार को कर्मचारियों को 31 जनवरी तक के वेतन का भुगतान कर दिया है।


अब भी जो कर्मचारी काम पर नहीं आया उसे नोटिस जारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब कर्मचारियों ने भत्ते व डीए के भुगतान की नई मांग रख दी है। इसी प्रकार हमें यूनियन से पता चला है कि कर्मचारियों की उपराज्यपाल से मीटिंग है संभवत: कुछ हल निकल आए।

नॉर्थ एमसीडी ने तर्क रखा कि उन्होंने भी कर्मचारियों को 31 जनवरी तक का वेतन दे दिया है। उन्होंने कहा कि हम कर्मचारियों के अभाव में सड़कों की सफाई नहीं करवा पा रहे, लेकिन ढलाव से कूड़ा उठवा रहे हैं। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि आप हड़ताल को गैरकानूनी घोषित कर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed