श्रद्धा हत्याकांड: सुनवाई की तारीख तय करने की आरोपी की याचिका पर निर्देश देने से हाईकोर्ट का इनकार
आफताब के वकील ने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि ट्रायल कोर्ट को मुख्य बचाव पक्ष के वकील की मौजूदगी में ही महत्वपूर्ण गवाहों की जांच करने और जिरह की तैयारी के लिए उन्हें पर्याप्त समय देने के लिए कहा जाए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को श्रद्धा वाकर हत्याकांड में तारीख तय करने के संबंध में ट्रायल अदालत को निर्देश देने से इनकार कर दिया। आरोपी आफताब अमीन पूनावाला ने दावा किया कि मुकदमे में जल्दबाजी के कारण उनके प्रति पक्षपात हो रहा है।
पूनावाला के वकील ने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि ट्रायल कोर्ट को मुख्य बचाव पक्ष के वकील की मौजूदगी में ही महत्वपूर्ण गवाहों की जांच करने और जिरह की तैयारी के लिए उन्हें पर्याप्त समय देने के लिए कहा जाए। वकील ने कहा कि जल्दबाजी के संबंध में उनकी आपत्तियों के बावजूद एक महीने में 10 दिन तक दिन भर की कार्यवाही चली और वह गवाहों की जांच में शामिल नहीं हो पाए।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी ने कहा कि पेशेवर असुविधा मुकदमे में देरी का आधार नहीं हो सकती और यह सराहनीय है कि ट्रायल कोर्ट ने कार्यभार के बावजूद एक महीने में 10 तारीखों पर मामले को सूचीबद्ध किया।
अदालत ने कहा आप ट्रायल कोर्ट की सुविधा के अनुसार समायोजित करेंगे और ट्रायल कोर्ट आपकी सुविधा के अनुसार समायोजित नहीं होगा। असाधारण मामलों में कभी-कभी वे ट्रायल कोर्ट पर दबाव देखें। यह ऐसा मामला है जहां वे उचित गति से आगे बढ़ रहे हैं लेकिन आप चाहते हैं कि वे आपकी डायरी के अनुसार अपनी डायरी समायोजित करें।