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जरनैल सिंह को बड़ी राहत, नहीं होगी गिरफ्तारी

Thu, 07 May 2015 02:57 PM IST
Updated Thu, 07 May 2015 02:57 PM IST
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High court put stay on aap mla jarnail singh arrest

वहीं, याची की ओर से पेश अधिवक्ता एचएस फुलका ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल को फर्जी मामले में फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि जो तथ्य अब रखे जा रहे हैं वह निचली अदालत के समक्ष पुलिस ने नहीं रखे।

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इसके अलावा पेश रिपोर्ट में भी पुलिस ने ऐसा कुछ नहीं कहा। इसके अलावा दर्ज प्राथमिकी में भी ऐसा कोई आरोप नहीं है। पुलिस द्वारा पेश सीडी में सभी लोगों की पहचान हो चुकी है। ऐसे में स्पष्ट है कि पुलिस अफवाह फैला रही है कि उनके मुवक्किल फरार है।
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अत: उनकी अग्रिम जमानत स्वीकार की जाए। पेश मामले के अनुसार 28 अप्रैल को एमसीडी का दस्ता कृष्णा पार्क क्षेत्र में अवैध निर्माण को तोड़ने पहुंचा था। संपत्ति मालिक ने इसी दौरान क्षेत्र के विधायक जरनैल सिंह को बुलाया।
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घटनास्थल पर काफी भीड़ जमा हो गई व कुछ लोगों ने मारपीट शुरू कर दी और भाग गए। पुलिस ने जेई की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया था।

कोर्ट ने दी सशर्त राहत

High court put stay on aap mla jarnail singh arrest

हाईकोर्ट ने तिलक नगर विधानसभा क्षेत्र से आप विधायक जरनैल सिंह को सशर्त राहत प्रदान की है। अदालत ने जरनैल सिंह की गिरफ्तारी पर 18 मई तक रोक लगाते हुए उन्हें जांच में सहयोग का निर्देश दिया है।

अदालत ने पुलिस के उस तर्क को खारिज कर दिया कि आरोपी जरनैल सिंह फरार है और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करनी है। जरनैल सिंह पर एमसीडी के जेई से मारपीट करने का आरोप है।

न्यायमूर्ति सुनीता गुप्ता ने अपने फैसले में जरनैल सिंह को निर्देश दिया कि वह सात मई को शाम चार बजे जांच अधिकारी के समक्ष पेश हो। इसके अलावा जब भी पूछताछ की जरूरत हो वे जांच अधिकारी को सहयोग करें।

मेडिकल रिपोर्ट का है इंतजार

High court put stay on aap mla jarnail singh arrest

अदालत ने जरनैल सिंह को यह भी निर्देश दिया कि वे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पुलिस या गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे और साक्ष्य से छेड़छाड़ नहीं करेंगे। इसी प्रकार बिना अदालत की इजाजत दिल्ली से बाहर नहीं जाएंगे।

अदालत ने दिल्ली पुलिस के उस तर्क को खारिज कर दिया कि आरोपी से संपत्ति को तोड़फोड़ करने संबंधी फैसले की प्रति व शिकायतकर्ता का छीना गया मोबाइल बरामद करना है और इसके लिए उसे हिरासत में लेकर पूछताछ जरूरी है।

इससे पूर्व दिल्ली पुलिस की और से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने अदालत को बताया कि आरोपी से उक्त सामान बरामद करने के अलावा मामले में लिप्त अन्य लोगों के बारे में भी पूछताछ करनी है। उन्होंने सीडी को एफएसएल में जांच को भेजा है और शिकायतकर्ता की मेडिकल रिपोर्ट का भी इंतजार है।

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