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आश्रय स्थलों पर पर्याप्त भोजन-पानी सुनिश्चित करे सरकार, हाईकोर्ट ने दिया निर्देश
Wed, 22 Apr 2020 08:30 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 22 Apr 2020 08:30 AM IST
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फाइल फोटो
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हाईकोर्ट ने लॉकडाउन के कारण यमुना पुश्ता क्षेत्र में फंसे बेघर मजदूरों और अन्य लोगों के लिए पर्याप्त भोजन, पानी और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इसी के साथ न्यायालय ने इसकी मांग वाली याचिका का निपटारा कर दिया। हालांकि पीठ ने इससे संबंधित दिल्ली सरकार के प्रयासों पर संतुष्टि जताई है।
न्यायमूर्ति हिमा कोहली और सुब्रमणियम प्रसाद की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनील कुमार अलेदिया की याचिका पर सुनवाई की। याचिका में लॉकडाउन के कारण यमुना पुश्ता क्षेत्र और दिल्ली के अन्य इलाकों में फंसे बेघर लोगों के लिए भोजन, पानी व अन्य सुविधाएं न मिलने का दावा करते हुए सरकार को इस संबंध में निर्देश देने की मांग की गई थी।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि यहां ठहरे लोगों से नजदीक में स्थित शौचालय प्रयोग करने पर पैसे लिए जा रहे हैं। साथ ही, प्रगति मैदान में निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के सराय काले खां के नजदीक स्थित कैंप में बिना भोजन और पानी के रहने की शिकायत की गई।
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दिल्ली सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने दलील दी कि यमुना पुश्ता क्षेत्र में 14 अप्रैल से रह रहे 4229 लोगों में से 3600 को दिल्ली के अलग-अलग स्कूलों में ठहरने के लिए भेजा गया है। 600 लोगों के लिए यमुना स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में व्यवस्था की गई है।
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न्यायमूर्ति हिमा कोहली और सुब्रमणियम प्रसाद की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनील कुमार अलेदिया की याचिका पर सुनवाई की। याचिका में लॉकडाउन के कारण यमुना पुश्ता क्षेत्र और दिल्ली के अन्य इलाकों में फंसे बेघर लोगों के लिए भोजन, पानी व अन्य सुविधाएं न मिलने का दावा करते हुए सरकार को इस संबंध में निर्देश देने की मांग की गई थी।
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याचिका में आरोप लगाया गया था कि यहां ठहरे लोगों से नजदीक में स्थित शौचालय प्रयोग करने पर पैसे लिए जा रहे हैं। साथ ही, प्रगति मैदान में निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के सराय काले खां के नजदीक स्थित कैंप में बिना भोजन और पानी के रहने की शिकायत की गई।
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दिल्ली सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने दलील दी कि यमुना पुश्ता क्षेत्र में 14 अप्रैल से रह रहे 4229 लोगों में से 3600 को दिल्ली के अलग-अलग स्कूलों में ठहरने के लिए भेजा गया है। 600 लोगों के लिए यमुना स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में व्यवस्था की गई है।
अन्य लोगों को डूसिब द्वारा संचालित रैन बसेरों में स्थानांतरित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब कोई भी मजदूर या अन्य शख्स खुले आसमान के नीचे नहीं रह रहा है। सभी जगह सभी लोगों को पर्याप्त भोजन, पेयजल, शौचालय, कोरोना संक्रमण से बचने संबंधी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इसके बाद पीठ ने दिल्ली सरकार की ओर से लोगों के लिए किए जा रहे प्रयासों पर संतुष्टि जताते हुए निर्देश दिया कि सभी जगहों पर नियमित रूप से सुविधाएं पहुंचाना जारी रखा जाए और सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी लोगों को कोई परेशानी न हो।
इसके बाद पीठ ने दिल्ली सरकार की ओर से लोगों के लिए किए जा रहे प्रयासों पर संतुष्टि जताते हुए निर्देश दिया कि सभी जगहों पर नियमित रूप से सुविधाएं पहुंचाना जारी रखा जाए और सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी लोगों को कोई परेशानी न हो।