मरते हुए 18 साल के दीपक ने 3 शहरों के 4 लोगों की बचाई जिंदगी
- चार्टेड प्लेन से हृदय इंदौर से दिल्ली होते हुए गुरुग्राम पहुंचा
- इंदौर से चार्टेड प्लेन से हृदय वाया दिल्ली गुरुग्राम पहुंचा
- हृदय गुरुग्राम के मेदांता और लिवर आईएलबीएस में प्रत्यारोपित
- जेट एयरवेज के विमान से लिवर लाया गया
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इंदौर में ब्रेन डेड 18 साल के मरीज दीपक का हृदय और लिवर दिल्ली लाया गया। हृदय गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में प्रत्यारोपित किया गया जबकि लिवर दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बैलियरी साइंसेज (आईएलबीएस) में एक मरीज को प्रत्यारोपित किया गया।
दोनों अस्पतालों तक अंग को पहुंचाने के लिए दिल्ली यातायात पुलिस की ओर से ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इस दौरान यातायात पुलिस की ओर से वीडियाग्राफी भी कराई गई है। ग्रीन कॉरिडोर में आने वाले वाहनों को उनके घर पर चालान भेजने का निर्णय लिया गया है।
ब्रेन डेड मरीज के हृदय को बृहस्पतिवार दोपहर 1.15 बजे चार्टेड प्लेन से दिल्ली लाया गया। इसके बाद हृदय को हरियाणा के गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल ले जाया गया।
बता दें कि दीपक इंदौर का एक अखबार बेचने वाला था जिससिकी दोनों किडनियां इंदौर के दो मरीजों को लगाई गईं वहीं हृदय और लिवर दिल्ली व गुरुग्राम के दो मरीजों को लगाए गए। इस तरह 18 साल के नवयुवक ने मरते हुए भी चार जानें बचा लीं।
ब्रेन डेड मरीज का लिवर विमान से आया दिल्ली
दिल्ली एयरपोर्ट से अस्पताल तक की 10.5 किलोमीटर की दूरी साढ़े आठ मिनट में तय की गई। उसी ब्रेन डेड मरीज का लिवर जेट एयरवेज की विमान से दिल्ली लाया गया। इसके बाद लिवर को आईएलबीएस अस्पताल ले जाया गया।
आईएलबीएस के लिवर प्रत्यारोपण रोग विशेषज्ञ डॉ.विनेयन्द्र पामेचा ने बताया कि नेशनल ऑर्गन टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (नोटो) से इसकी सूचना मिली थी।
इसके बाद टीम इंदौर गई। लिवर दिल्ली के ही एक 55 वर्षीय किसान को प्रत्यारोपित किया गया। दोपहर करीब दो बजे प्रत्यारोपण शुरु हुअ। सर्जरी करीब नौ घंटे चली।