फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Hearing Tomorrow on Widows-unmarried rights for abortion

विधवा-अविवाहित युवतियों को गर्भपात के अधिकार पर सुनवाई आज

Tue, 28 May 2019 03:22 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राजेश सैनी Updated Tue, 28 May 2019 03:22 AM IST
विज्ञापन
Hearing Tomorrow on Widows-unmarried rights for abortion
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media

अविवाहित युवतियों और विधवाओं को कानूनी रूप से गर्भपात की अनुमति और आपात स्थिति में गर्भपात की सीमा 20 सप्ताह से बढ़ाकर 24 या 26 सप्ताह करने की मांग लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। मौजूदा कानून के तहत 20 सप्ताह से अधिक के भ्रूण को नहीं गिराया जा सकता। मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन व न्यायमूर्ति बृजेश सेठी की खंडपीठ ने याचिका को मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्घ किया है।

विज्ञापन


अधिवक्ता अमित साहनी ने जनहित याचिका में कहा है कि स्वास्थ्य, कानून व विधि मंत्रालय से पूछा जाए कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट 1971 के उस प्रावधान में संशोधन कब किया जाएगा, जो 20 सप्ताह से अधिक का गर्भपात कराने की अनुमति नहीं देता। इस प्रावधान में संशोधन का प्रस्ताव 2014 में किया गया था।  
विज्ञापन


मौजूदा कानून केवल दुष्कर्म या गर्भ निरोधकों के नाकाम इस्तेमाल से हुए गर्भ धारण के मामलों का निबटारा करता है, लेकिन यह अविवाहित युवतियों और विधवाओं के गर्भपात के मुद्दे पर बिल्कुल खामोश है। इन महिलाओं को भी गर्भपात कराने का अधिकार दिया जाए। याचिका में यह भी कहा गया है कि जिन मामलों में 16 सप्ताह के बाद ही गर्भपात में गड़बड़ी का पता चलता है, उनका निबटारा एमटीपी एक्ट के तहत फास्ट ट्रैक आधार पर किया जाए, ताकि प्रशासनिक सुस्ती का खामियाजा महिला को न उठाना पड़े। सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में कानून में संशोधन का आदेश देने से इंकार कर दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed