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राष्ट्रीय गीत का दर्जा बढ़ाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई टली
Wed, 24 Jul 2019 07:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 24 Jul 2019 07:00 AM IST
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दिल्ली हाईकोर्ट
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राष्ट्रीय गीत ‘वंदेमातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा और सम्मान देने के लिए नीति बनाने का निर्देश सरकार को देने की मांग वाली भाजपा नेता अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की याचिका पर सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी।
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याचिका पर सुनवाई के लिए अब 26 जुलाई की तारीख तय की गई है। सुनवाई टलने का कारण मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ का न बैठना रहा।
पेश याचिका में अनुरोध किया गया है कि बंकिम चंद्र चटर्जी लिखित राष्ट्रीय गीत ‘वंदेमातरम’ को रवींद्र नाथ टैगोर लिखित राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान ही सम्मान दिया जाए। याची का कहना है कि राष्ट्रीय गीत ने स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई थी।
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पहली बार 1896 में रवींद्र नाथ टैगोर ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में इसे गाया था। याचिका में कहा गया है कि वंदेमातरम में जिन भावनाओं को अभिव्यक्ति दी गई है, वह देश के चरित्र को बताती हैं। उसे भी बराबरी का सम्मान मिलना चाहिए।
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याचिका में यह घोषणा करने की मांग की गई है कि वंदे मातरम को ‘जन गण मन’ के बराबर सम्मान दिया जाएगा और दोनों का दर्जा समान होगा।
ऐसी की एक याचिका अक्तूबर 2017 में दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की दलीलों से सहमति जताते हुए उक्त याचिका को खारिज कर दिया था। केंद्र सरकार का कहना था कि ‘वंदेमातरम’ और ‘जन गण मन’ को समान सम्मान प्राप्त है।