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अधिवक्ता हत्याकांडः ...वो तो डायरी में भी विक्की भैया लिखते थे, तो क्यों मार दिया
Mon, 03 Aug 2020 05:42 AM IST
दुष्यंत शर्मा
विकास वत्स, बुलंदशहर
विकास वत्स, बुलंदशहर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 03 Aug 2020 05:42 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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भैया तो तुम्हारे अच्छे दोस्त थे, तुम पर काफी विश्वास करते थे, तुम्हारी काफी इज्जत करते थे। यही नहीं, हिसाब की डायरी में भी उन्होंने तुम्हारे नाम के साथ विक्की भैया ही लिखा हमेशा। तो फिर उनको क्यों मार डाला। ये शब्द शनिवार को मृत अधिवक्ता धर्मेंद्र चौधरी के भाई ने आरोपियों के सामने आने पर किए। इन सवालों के जवाब आरोपी के पास नहीं थे।
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गौरतलब है कि खुर्जा क्षेत्र से 25 जुलाई को अधिवक्ता एवं प्रापर्टी का व्यवसाय करने वाले धर्मेंद्र चौधरी लापता हो गए थे। पुलिस ने लावारिस हालत में मिली उनकी बाइक के आधार पर खबरा के जंगल में तलाश शुरू कराई। छह दिन तक पुलिस अन्य जिलों और राज्यों में तलाश करती रही। परिजनों से मिले सुराग के बाद पुलिस ने अधिवक्ता के दोस्त विक्की उर्फ विवेक और उसके दो नौकरों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो आरोपी दोस्त के टाइल्स गोदाम से अधिवक्ता का शव बरामद हो गया। जिसके बाद से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। शनिवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
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अरे मजाक मत करो, छोड़ो मुझे...
वारदात के दौरान जब अधिवक्ता धर्मेंद्र चौधरी खाने की टेबल पर बैठे तो आरोपी व्यापारी के नौकरों ने उन्हें पीछे से पकड़ लिया और गला दबाने लगे। जिस पर अधिवक्ता ने कहा कि ऐसा मजाक क्यों कर रहे हो, छोड़ो मुझे। लेकिन, आरोपियों ने उनकी एक न सुनी और विवेक ने नौकरों संग मिलकर उनकी गला दबाकर हत्या कर दी। हालांकि, अधिकारी जांच के बाद ही कुछ बताने की बात कह रहे हैं।
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डायरी में छिपा है करोड़ों का हिसाब-किताब
सूत्रों की मानें तो अधिवक्ता के लापता होने के बाद जब परिजनों को उनकी डायरी मिली तो उनके हिसाब किताब की जानकारी हुई। डायरी में उनका काफी पुराना हिसाब भी मेंटेन किया गया था। किससे कितने रुपये लिए, किसको कितने रुपये दिए, किस पर कितने रुपये शेष हैं। किससे कब पैसा आना है वगैरह - वगैरह। डायरी मिलने के बाद व उनकी हत्या होने के बाद अब उनके हिसाब किताब को रखने वाला कौन होगा। साथ ही उनके हिसाब किताब को अब कौन संभालेगा। ये सवाल भी चर्चा का विषय बने हुए हैं।
चौकी प्रभारी दबिश में तो किसको बचा रही पुलिस
मिली जानकारी के मुताबिक वारदात वाले दिन आरोपी विक्की ने चौकी पर रोटी-सब्जी भिजवाई थी। लेकिन, उस दौरान चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार किसी दबिश में बाहर गए हुए थे। तो, आखिर किसने उस खाने को खाया। सूत्रों की मानें तो उस दौरान चौकी पर दो अन्य दरोगा और एक हैड मोहर्रिर मौजूद था। वहीं, इस संबंध में एसएसपी संतोष कुमार सिंह का कहना है कि चौकी प्रभारी को लापरवाही के चलते निलंबित किया गया है।