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Delhi HC: डब्ल्यूएफआई को हाईकोर्ट की फटकार, विनेश को एशियन गेम्स ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति देने का आदेश

Fri, 22 May 2026 01:25 PM IST
Vijay Singh Pundir डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली Published by: Vijay Singh Pundir Updated Fri, 22 May 2026 01:25 PM IST
सार

विनेश फोगाट जुलाई 2025 में मां बनी थीं और अब घरेलू स्पर्धाओं में वापसी कर रही हैं। कुश्ती संघ ने उन्हें 26 जून 2026 तक घरेलू आयोजनों में भाग लेने से अयोग्य घोषित कर दिया था।

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HC pulls up WFI over decision to declare Vinesh Phogat ineligible
विनेश फोगाट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) की कार्यशैली पर सख्त नाराजगी जताते हुए उसकी वरिष्ठ पहलवान विनेश फोगाट को घरेलू स्पर्धाओं से अयोग्य ठहराने के फैसले पर सवाल उठाए। अदालत ने केंद्र सरकार से कहा कि वह विशेषज्ञ समिति गठित कर विनेश की फिटनेस का मूल्यांकन कराए और उन्हें आगामी एशियन गेम्स के चयन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति दे।

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मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने कहा कि मातृत्व को देश में सम्मान दिया जाता है और महासंघ को बदले की भावना से नहीं बल्कि खेल के हित में काम करना चाहिए। अदालत ने मौखिक रूप से टिप्पणी की, मातृत्व उत्सव है, इसे किसी खिलाड़ी के लिए नुकसानदायक नहीं बनाया जाना चाहिए। 
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विनेश फोगाट जुलाई 2025 में मां बनी थीं और अब घरेलू स्पर्धाओं में वापसी कर रही हैं। कुश्ती संघ ने उन्हें 26 जून 2026 तक घरेलू आयोजनों में भाग लेने से अयोग्य घोषित कर दिया था। महासंघ का दावा था कि रिटायरमेंट के बाद वापसी पर एंटी-डोपिंग नियमों के तहत छह महीने का नोटिस अनिवार्य है। अदालत ने केंद्र से विशेषज्ञ पैनल गठित करने को कहा, जिसमें विनेश की एशियन गेम्स चयन ट्रायल (30-31 मई) में भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
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18 मई को सिंगल जज ने विनेश को राहत देने से किया था इनकार
विनेश ने 18 मई के सिंगल जज के आदेश के खिलाफ अपील की थी, जिसमें उन्हें तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया गया था। उनकी ओर से वरिष्ठ वकील ने अदालत को बताया कि 9 मई को जारी शो-कॉज नोटिस में पेरिस ओलंपिक में उनकी डिस्क्वालीफिकेशन को राष्ट्रीय शर्म बताना पूर्वाग्रहपूर्ण था। खंडपीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी से नाराजगी या विवाद हो तो खेल की बलि क्यों चढ़ाई जाए? विनेश अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पहलवान हैं। मई में मात्र 10 महीने बाद मातृत्व के बाद उन्हें ट्रायल से बाहर रखने का क्या औचित्य है?

डब्ल्यूएफआई ने हाल ही में विनेश को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और जून 2026 तक घरेलू टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित किया था। विनेश ने इस नोटिस को चुनौती दी थी जिस पर हाई कोर्ट में आज सुनवाई हुई। 

क्यों भेजा था कारण बताओ नोटिस

  • डब्ल्यूएफआई ने हाल ही में अनुशासनहीनता और डोपिंग विरोधी नियमों के उल्लंघन के आरोपों पर विनेश को नोटिस भेजा था।
  • इतना ही नहीं विनेश जून 2026 तक घरेलू टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित की गईं क्योंकि उन्होंने यूडब्ल्यूडब्ल्यू के डोपिंग रोधी नियम के तहत संन्यास से वापसी के बाद जरूरी छह महीने का नोटिस पीरियड नहीं दिया है।
  • यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया था कि यदि विनेश दोबारा कुश्ती में वापसी करना चाहती हैं, तो उन्हें आईटीए या इंटरनेशनल फेडरेशन को कम से कम छह महीने पहले सूचना देनी होगी और इस दौरान एंटी-डोपिंग टेस्टिंग के लिए उपलब्ध रहना होगा।
  • 15 पन्नों के नोटिस में, डब्ल्यूएफआई ने आरोप लगाया था कि विनेश के आचरण ने राष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदा किया है जिससे भारतीय कुश्ती की छवि को नुकसान पहुंचा है।  
  • डब्ल्यूएफआई ने विशेष रूप से उल्लेख किया था कि विनेश इस वर्ष 26 जून तक किसी भी घरेलू प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पात्र नहीं हैं, जिसमें गोंडा में 10 से 12 मई तक होने वाला राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट भी शामिल था।
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