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Delhi NCR News: वोटर आईडी से ज्यादा जरूरी सूची में नाम, ड्राफ्ट लिस्ट आज ही जांचें
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एसआईआर के बाद 97.53 लाख मतदाता ड्राफ्ट सूची में शामिल, 47.56 लाख फॉर्म नहीं मिले
30 सितंबर तक दावे-आपत्तियां, पात्र मतदाता फाॅर्म-6 के जरिये नाम जुड़वा सकेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद सोमवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई। निर्वाचन कार्यालय ने मतदाताओं से अपील की है कि वे वोटर आईडी कार्ड होने के बावजूद ड्राफ्ट रोल में अपना नाम और विवरण जरूर जांचें। मतदान के लिए सिर्फ वोटर आईडी कार्ड पर्याप्त नहीं है, मतदाता सूची में नाम दर्ज होना अनिवार्य है।
एसआईआर शुरू होने के समय दिल्ली की मतदाता सूची में 1,45,10,299 मतदाता दर्ज थे। 30 जून से 17 अगस्त तक चले सत्यापन चरण में 97,53,577 मतदाताओं के फॉर्म प्राप्त हुए। इन्हें ड्राफ्ट सूची में शामिल किया गया है। वहीं, 47,56,722 मतदाताओं के फॉर्म निर्धारित अवधि में प्राप्त नहीं हुए।
निर्वाचन कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म नहीं मिलने वाले 47.56 लाख मतदाताओं को सीधे अंतिम सूची से बाहर नहीं माना जा सकता। इनमें 43,32,775 मामले अनुपस्थित, स्थानांतरित या अन्य श्रेणियों के हैं। इसके अलावा 2,82,412 मृत मतदाता और 1,41,535 ऐसे नाम हैं, जो एक से अधिक जगह दर्ज या डुप्लीकेट पाए गए हैं। इनमें ऐसे पात्र मतदाता भी हो सकते हैं, जिनका फॉर्म समय पर जमा नहीं हो पाया।
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ऐसे पात्र मतदाताओं को नाम शामिल कराने का अवसर दिया गया है। वे 30 सितंबर तक फार्म-6 के साथ निर्धारित आवेदन देकर दावा कर सकते हैं। इसी अवधि में मतदाता गलत प्रविष्टि पर फार्म-7 के जरिए आपत्ति या नाम हटाने का अनुरोध कर सकते हैं। पता बदलने और नाम-पते समेत अन्य विवरण में संशोधन के लिए फार्म-8 का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसलिए जरूरी है सूची में नाम होना
निर्वाचन कार्यालय के अनुसार किसी व्यक्ति के पास वोटर आईडी कार्ड होना अपने आप मतदान का अधिकार सुनिश्चित नहीं करता। मतदान के लिए संबंधित मतदाता का नाम मतदाता सूची में होना जरूरी है। इसलिए पुराने वोटर आईडी कार्ड रखने वाले मतदाता भी ड्राफ्ट सूची में अपनी प्रविष्टि जरूर जांचें।
ऐसे देख सकते हैं
ड्राफ्ट सूची सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों के लिए जारी की गई है। मतदाता संबंधित निर्वाचन कार्यालयों और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के माध्यम से अपनी प्रविष्टि देख सकते हैं। कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी मतदाता का नाम बिना नोटिस, जांच और अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिए नहीं हटाया जा सकता।
अंतिम सूची चार नवंबर को
एसआईआर कार्यक्रम के अनुसार 30 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। इसके बाद 29 अक्तूबर तक नोटिस जारी करने और दावों-आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया चलेगी। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची चार नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।
फैक्ट फाइल
एसआईआर शुरू होने पर मतदाता
1,45,10,299
फाॅर्म प्राप्त
97,53,577
फॉर्म नहीं मिले
47,56,722
अनुपस्थित/स्थानांतरित/अन्य
43,32,775
मृत मतदाता
2,82,412
एक से अधिक जगह दर्ज/डुप्लीकेट
1,41,535
दावे और आपत्तियों की अवधि
30 सितंबर तक
अंतिम मतदाता सूची
4 नवंबर 2026
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30 सितंबर तक दावे-आपत्तियां, पात्र मतदाता फाॅर्म-6 के जरिये नाम जुड़वा सकेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद सोमवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई। निर्वाचन कार्यालय ने मतदाताओं से अपील की है कि वे वोटर आईडी कार्ड होने के बावजूद ड्राफ्ट रोल में अपना नाम और विवरण जरूर जांचें। मतदान के लिए सिर्फ वोटर आईडी कार्ड पर्याप्त नहीं है, मतदाता सूची में नाम दर्ज होना अनिवार्य है।
एसआईआर शुरू होने के समय दिल्ली की मतदाता सूची में 1,45,10,299 मतदाता दर्ज थे। 30 जून से 17 अगस्त तक चले सत्यापन चरण में 97,53,577 मतदाताओं के फॉर्म प्राप्त हुए। इन्हें ड्राफ्ट सूची में शामिल किया गया है। वहीं, 47,56,722 मतदाताओं के फॉर्म निर्धारित अवधि में प्राप्त नहीं हुए।
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निर्वाचन कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि फॉर्म नहीं मिलने वाले 47.56 लाख मतदाताओं को सीधे अंतिम सूची से बाहर नहीं माना जा सकता। इनमें 43,32,775 मामले अनुपस्थित, स्थानांतरित या अन्य श्रेणियों के हैं। इसके अलावा 2,82,412 मृत मतदाता और 1,41,535 ऐसे नाम हैं, जो एक से अधिक जगह दर्ज या डुप्लीकेट पाए गए हैं। इनमें ऐसे पात्र मतदाता भी हो सकते हैं, जिनका फॉर्म समय पर जमा नहीं हो पाया।
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ऐसे पात्र मतदाताओं को नाम शामिल कराने का अवसर दिया गया है। वे 30 सितंबर तक फार्म-6 के साथ निर्धारित आवेदन देकर दावा कर सकते हैं। इसी अवधि में मतदाता गलत प्रविष्टि पर फार्म-7 के जरिए आपत्ति या नाम हटाने का अनुरोध कर सकते हैं। पता बदलने और नाम-पते समेत अन्य विवरण में संशोधन के लिए फार्म-8 का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसलिए जरूरी है सूची में नाम होना
निर्वाचन कार्यालय के अनुसार किसी व्यक्ति के पास वोटर आईडी कार्ड होना अपने आप मतदान का अधिकार सुनिश्चित नहीं करता। मतदान के लिए संबंधित मतदाता का नाम मतदाता सूची में होना जरूरी है। इसलिए पुराने वोटर आईडी कार्ड रखने वाले मतदाता भी ड्राफ्ट सूची में अपनी प्रविष्टि जरूर जांचें।
ऐसे देख सकते हैं
ड्राफ्ट सूची सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों के लिए जारी की गई है। मतदाता संबंधित निर्वाचन कार्यालयों और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के माध्यम से अपनी प्रविष्टि देख सकते हैं। कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी मतदाता का नाम बिना नोटिस, जांच और अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिए नहीं हटाया जा सकता।
अंतिम सूची चार नवंबर को
एसआईआर कार्यक्रम के अनुसार 30 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। इसके बाद 29 अक्तूबर तक नोटिस जारी करने और दावों-आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया चलेगी। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची चार नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।
फैक्ट फाइल
एसआईआर शुरू होने पर मतदाता
1,45,10,299
फाॅर्म प्राप्त
97,53,577
फॉर्म नहीं मिले
47,56,722
अनुपस्थित/स्थानांतरित/अन्य
43,32,775
मृत मतदाता
2,82,412
एक से अधिक जगह दर्ज/डुप्लीकेट
1,41,535
दावे और आपत्तियों की अवधि
30 सितंबर तक
अंतिम मतदाता सूची
4 नवंबर 2026