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हरियाणा में खड़ी होगी साइबर सिक्योरिटी की मजबूत दीवार

यशलोक सिंह/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Sun, 21 May 2017 05:05 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया का सपना हरियाणा में तेजी से साकार होगा। इसके लिए प्रदेश सरकार साइबर सिक्योरिटी पॉलिसी जल्द लेकर आ रही है। इस पॉलिसी को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रदेश भर की आईटी-आईटीईएस, कॉरपोरेट कंपनियों व उद्योग जगत की ओर से पिछले कई सालों से इसकी मांग की जा रही है। 
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पिछले तीन साल में गुरुग्राम, फरीदाबाद व चंडीगढ़ स्थित आईटी-आईटीईएस कंपनियों में डेटा चोरी जैसी गंभीर घटनाएं हो रही हैं। अधिकतर कंपनियां बदनामी के डर से मामला भी दर्ज नहीं करातीं। आने वाले दिनों में इन कंपनियों को इस प्रकार की परेशानियों से पूरी तरह से निजात मिल जाएगी। साइबर सिक्योरिटी पॉलिसी आने से आम आदमी को भी काफी लाभ होगा, उसके लिए मोबाइल, बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन भी बेहद सुरक्षित हो जाएगा।       


आईटी-आईटीईएस, केपीओ और बीपीएम सेक्टर के विशेषज्ञों का कहना है कि हरियाणा में हर साल करीब 250 करोड़ रुपये कीमत का डेटा चोरी की घटनाएं होती हैं। इसमे अकेले गुरुग्राम में 200 करोड़ का डेटा चोरी होता है। फरीदाबाद में भी कुछ आईटी-बीपीएम कंपनियां हैं, मगर आने वाले समय में प्रदेश सरकार यहां भी इस प्रकार की कंपनियों को प्रोत्साहित करने की योजना बना रही है। करीब ढाई साल पहले फरीदाबाद की एक वाहन डिजाइन बनाने वाली कंपनी का भी डेटा चोरी हो चुका है। यही कारण है कि इन सभी को एक ठोस साइबर सिक्योरिटी पॉलिसी का इंतजार है।       

हाइटेक इंडिया के अध्यक्ष प्रदीप यादव का कहना है कि हरियाणा में अभी साइबर सिक्योरिटी की स्थिति काफी खराब है, यहां हर साल करीब डेढ़ सौ डेटा चोरी की घटनाएं होती हैं। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम, फरीदाबाद व चंडीगढ़ में अकेले देश भर के आईटी-आईटीईएस सेक्टर का करीब 30 फीसदी काम होता है। यहां की कंपनियां डेटा चोरी की घटनाओं से काफी भयभीत रहते हैं। यह चोरी इन हाउस इंप्लाई ही सबसे अधिक करता है। 

हरियाणा में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, कोरिया और जापान की कंपनियां हैं। यह सभी इंडियन टेलीकॉम से भी जुड़ी हुई हैं। इनका डेटा इन्हीं कंपनियों के नेटवर्क पर ट्रैवल करता है। इस कारण इन्हें डेटा सिक्योरिटी की चिंता सबसे अधिक रहती है। यादव ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार साइबर सिक्योरिटी पॉलिसी लेकर आ रही है तो उसे डेटा सिक्योरिटी ऑडिट व सिक्योरिटी सेल को लेकर भी गंभीर होना होगा तभी बात बनेगी।       
   
25 अगस्त को जारी हो जाएगी साइबर सिक्योरिटी पॉलिसी      
हरियाणा की अर्थव्यवस्था में आईटी-आईटीईएस सेक्टर का विशेष योगदान है। यहां ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्शन (जीडीपी) में यह सेक्टर 10 फीसदी सहयोग करता है। यही नहीं यह सेक्टर प्रदेश के कुल निर्यात में अकेले 54 फीसदी की भागीदारी निभाता है। साथ ही यह प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से 10 लाख लोगों को रोजगार भी मुहैया कराता है। यही कारण है कि इस सेक्टर व आम आदमी की ऑनलाइन सिक्योरिटी को बढ़ावा देने के लिए इसी 25 अगस्त को प्रदेश सरकार गुरुग्राम से साइबर सिक्योरिटी पॉलिसी को जारी करेगी।       
   
सभी सरकारी-गैर सरकारी वेबसाइट होंगी फुल सिक्योर     
हरियाणा सरकार की साइबर सिक्योरिटी पॉलिसी में सभी प्रकार की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, पोर्टल व कंपनियों सहित आम आमदी के डेटा को पूरी तरह से सुरक्षा मिलेगी। कोई भी हैकर किसी साइट को हैक नहीं कर पाएगा। कई सालों तक अमेरिका की आईटी कंपनियों में विशेषज्ञ के तौर पर कार्य कर चुके सचिन गुप्ता ने कहा कि हरियाणा के लिए साइबर सेक्योरिटी बेहद जरूरी है।    

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