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महज 17 साल की उम्र में कर दिया अनोखा काम, अब सीएम ने दिया सम्मान
कुमार हरिओम, अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Sun, 14 Oct 2018 10:34 AM IST
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Shivangi
पहाड़ों पर चढ़ने के शौक ने शिवांगी पाठक को 17 साल की उम्र में एवरेस्ट फतह करने वाली भारत की सबसे युवा पर्वतारोही बना दिया। इसके लिए उसने डेढ़ साल कड़ी मेहनत की। महज चार महीने में शिवांगी ने विश्व की तीन शीर्ष चोटियों पर तिरंगा फहरा दिया।
मूल रूप से हिसार की रहने वाली शिवांगी को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को गुरुग्राम में एक कार्यक्रम में प्रशस्ति पत्र दिया। अमर उजाला से बातचीत में शिवांगी ने बताया कि बचपन से ही उसे पहाड़ों पर चढ़ने का शौक था।
मम्मी आरती पाठक ने इसे जुनून में तब्दील कर दिया। डेढ़ साल तक पर्वतारोहण कोर्स करने के बाद अप्रैल 2018 को सफर की शुरुआत की।
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मूल रूप से हिसार की रहने वाली शिवांगी को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को गुरुग्राम में एक कार्यक्रम में प्रशस्ति पत्र दिया। अमर उजाला से बातचीत में शिवांगी ने बताया कि बचपन से ही उसे पहाड़ों पर चढ़ने का शौक था।
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मम्मी आरती पाठक ने इसे जुनून में तब्दील कर दिया। डेढ़ साल तक पर्वतारोहण कोर्स करने के बाद अप्रैल 2018 को सफर की शुरुआत की।
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सितंबर 2018 में माउंट एलबर्स पर फहराया तिरंगा
शिवांगी ने बताया कि 41 दिन तक जिंदगी से जंग लड़ते हुए आखिरकार 16 मई 2018 को मैंने एवरेस्ट पर तिरंगा फहरा दिया। शिवांगी ने दावा किया कि ऐसा करने वाली वह अब तक भारत की सबसे युवा लड़की हैं। इसके बाद शिवांगी ने जुलाई में किलीमंजारो पर सबसे तेज 34 घंटे में चढ़ाई करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कराया।
शिवांगी ने बताया कि उसका सपना दुनिया की सभी सात चोटियों पर तिरंग फहराना है। अपनी मम्मी आरती, पापा राजेश पाठक और मामा श्रीनिवास को प्रेरणा मानने वाली शिवांगी का मानना है कि ठान लो तो कुछ भी असंभव नहीं है।
शिवांगी ने बताया कि उसका सपना दुनिया की सभी सात चोटियों पर तिरंग फहराना है। अपनी मम्मी आरती, पापा राजेश पाठक और मामा श्रीनिवास को प्रेरणा मानने वाली शिवांगी का मानना है कि ठान लो तो कुछ भी असंभव नहीं है।