खट्टर के सीएम बनने से अधूरा रह गया ये वादा
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मनोहर लाल खट्टर के मुख्यमंत्री घोषित होते ही दक्षिण हरियाणा एक बार फिर चौधर से वंचित हो गया है। जिन लोगों ने यहां चौधर लाने का सपना दिखाया था वह भी इस मामले में पूरी तरह से फेल हो गए हैं।
इस कारण रोहतक की चौधर इस बार भी कायम रही। खट्टर रोहतक से ही संबंध रखते हैं। हालांकि नए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी क्षेत्रों के एक समान विकास की बात कही है।
विधानसभा चुनाव के दौरान और उसके बाद यह माना जा रहा था कि इस बार चौधर की बारी दक्षिण हरियाणा की है। गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र से सांसद राव इंद्रजीत सिंह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रामबिलास शर्मा को मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था।
विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद तो इन दोनों की दावेदारी की चर्चा और तेज हो गई। इन दोनों के समर्थकों को पूरा विश्वास था कि उनका ही नेता मुख्यमंत्री बनेगा। मगर बाद में पार्टी हाईकमान ने कुछ ऐसी रणनीति बनाई की चौधर दक्षिण हरियाणा में आते-आते रह गई।
गैर हों या अपने, सबके निशाने पर हुड्डा
जिन नेताओं ने दक्षिण हरियाणा में चौधर लाने का सपना दिखाया था वह पूरी तरह से फेल हो गए। इसमें गुड़गांव के सांसद राव इंद्रजीत सिंह और रामबिलास शर्मा के नाम प्रमुख हैं।
हरियाणा के नए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने लोगों को आश्वासन दिया है कि पूरे हरियाणा का एक समान विकास कराएंगे। इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होगा। फिर भी दक्षिण हरियाणा के लोग चौधर नहीं आने से निराश हैं। अब सभी को नए सीएम से काफी उम्मीदें हैं।
लगातार निशाने पर रही हुड्डा सरकार
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा सरकार दक्षिण हरियाणा मुद्दे पर कभी अपनों के तो कभी गैरों के निशाने पर रही। उन पर लगातार तंज कसा जाता रहा है कि उन्होंने अपने 10 वर्षो के शासन में सिर्फ अपने गृह जिला रोहतक का ही विकास किया है। इससे दक्षिण हरियाणा के लोगों में कांग्रेस के प्रति काफी नकारात्मक विचार बना।
कांग्रेस में रहते हुए गुड़गांव के सांसद राव इंद्रजीत सिंह भी इस विषय पर लगातार मुखर रहे। महज इसी को मुद्दा बनाकर वह कांग्रेस से अपने 33 वर्षों पुराने संबंध को तोड़ भाजपा में शामिल हो गए थे। कांग्रेस विधायक कैप्टन अजय सिंह यादव भी दक्षिण हरियाणी की उपेक्षा पर हुड्डा सरकार को घेरते रहे हैं।
क्या है दक्षिण हरियाणा
दक्षिण हरियाणा की उपेक्षा का मुद्दा पिछले काफी समय से चर्चा में है। गुड़गांव, फरीदाबाद, महेन्द्रगढ़, पलवल, मेवात और रेवाड़ी क्षेत्र दक्षिण हरियाणा में आता है। इस क्षेत्र में तीन लोकसभा और 27 विधानसभा क्षेत्र हैं।
शपथ ग्रहण की तैयारियों में जुटे कमिश्नर व 250 जवान
प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के शपथ ग्रहण समारोह की सुरक्षा को लेकर पुलिस कमिश्नर 250 लोगों की टीम के साथ पंचकूला में डेरा डाला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दो बार गुड़गांव हो चुकी रैली को देखते हुए पुलिस महानिदेशक ने यहां के आयुक्त को विशेष जिम्मा सौंपा है।
प्रदेश में पहली बार भाजपा की बन रही सरकार और उसके मुखिया मनोहर लाल खट्टर के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भाग लेंगे। पंचकूला के मैदान में हो रहे शपथ ग्रहण की तैयारी में पुलिस आयुक्त मित्तल को विषेष जिम्मेवारी सौंपी गई है। 250 पुलिस कर्मियों के साथ वह डयूटी पर है।
पुलिस आयुक्त के साथ वहीं लोग गए हैं जो जो दो बार नरेन्द्र मोदी के चुनावी रैली को देख चुके हैं। ऐसे में एसीपी अपराध राजेश के साथ अन्य लोगों को लगाया गया है। सीआईडी से लेकर अन्य लोगों तैयारी में जुटे हुए हैं। तीन दिन शहर से बाहर रहने के कारण पुलिस आयुक्त ने शहर में होने वाली घटना पर अपनी टीम को दिशा निर्देश भी दिया।