चुनाव में हिंसा: दो की मौत, चौटाला का रिश्तेदार गंभीर
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जिला प्रशासन के सुरक्षा के पुख्ता प्रबंधों के दावों के बावजूद मेवात में कई स्थानों पर हिंसा हुई। पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका और नूंह विधानसभा क्षेत्र में करीब एक दर्जन स्थानों पर फायरिंग और पथराव की घटनाएं हुईं।
एक पोलिंग बूथ पर दो गुटों में हुई झड़प के बाद 30 वर्षीय युवक की अचानक मौत हो गई। इस बीच एक बच्चे की मौत की भी खबर है। दो गुटों के झगड़े के दौरान ढाई महीने का यह बच्चा अपनी मां की गोद से फिसल गया था और भगदड़ में पैर से कुचला गया। बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई।
फिरोजपुर झिरका क्षेत्र के गांव घटवासन में वोटिंग के दौरान पोलिंग बूथ पर दो गुटों में फर्जी वोट डालने को लेकर हुई झड़प के दौरान एक युवक की हार्टअटैक से मौत हो गई। इसके बाद गांव में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। बाद में पुलिस व गांव के लोगों ने मामले को शांत करा फिर से वोटिंग शुरू कराई।
इस बीच सिरसा जिले के गांव मोडियाखेड़ा में भाजपा और इनेलो समर्थकों में सुबह साढे़ दस बजे झड़प हो गई। इस दौरान गोली लगने से इनेलो नेता अजय सिंह चौटाला के रिश्तेदार संदीप चोयल गंभीर रूप से घायल हो गए। इनेलो समर्थकों ने गोली चलाने का आरोप सिरसा से भाजपा प्रत्याशी सुनीता सेतिया के पुत्र गोकुल सेतिया पर लगाया है।
एक बूथ पर हलोपा प्रत्याशी गोपाल कांडा के समर्थकों ने इनेलो कार्यकर्ता बसंत से मारपीट की। इनेलो कार्यकर्ताओं ने हलोपा प्रमुख गोपाल कांडा पर इनेलो प्रत्याशी मक्खन लाल सिंगला के भाई ओम सिंगला को थप्पड़ जड़ने का आरोप लगाया। इससे गुस्साए इनेलो कार्यकर्ताओं ने कांडा के काफिले की गाड़ी क्षतिग्रस्त कर दी। इस बीच हिसार में भी कई जगह फायरिंग, पथराव और आगजनी की घटनाएं हुईं।
कांग्रेस प्रत्याशी एवं पार्टी के बागी उम्मीदवार के बीच झड़प
इस विधानसभा क्षेत्र में मतदान के आखिरी पहर कांग्रेस के बागी प्रत्याशी ममन खान इंजीनियर एवं कांग्रेस उम्मीदवार आजाद मोहम्मद के बीच बोगस वोटिंग को लेकर हुए झड़प में शहर के एक बूथ पर तकरीबन सवा घंटा पहले की मदतान रुकवाना पड़ा। बाद स्थि्ति इतनी बिगड़ गई कि प्रशासन से बाजार बंद करवा दिया और पुलिस बल के जवानों ने शहर में फै्लेग मार्च किया। इस मामले मे दोनों पक्षों की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। खबर लिखने तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था।
ममन खान का कहना है कि तकरीबन साढ़े चार बजे उन्हें वार्ड सात के बूथ नंबर 127 पर कांग्रेस प्रत्याशी आजाद मोहम्मद के समर्थकों द्वारा बूथ कैप्चरिंग की सूचना मिली थी। इसके बाद वह बूथ पहुंच गए। इसी बीच वहां कांग्रेस प्रत्याश्ी आजाद मोहम्मद भी आ गए और उनके बीच कहा सुनी होने के बाद बात बढ़ गई। जिसपर बूथ में भारी तोड़ फोड़ किया। इस बीच वहां तैनात पोलिंग पार्टी भाग खड़ी हु़ई। पुलिस कर्मियों से भी दुर्व्यवहार का आरोप है। बताते हैं कि इसी खबर मिलते ही इलाके की एसडीएम एवं रिटर्निंग आफिसर वहां पहुंच गईं और हालात किसी तरह काबू में किया जा सका। इसके बाद पोलिंग बंद करवा दी गई।
बूथ के बाहर भीड़ होता देख बाजार बंद करवा दिया गया और शहर में फ लैग मार्च किया गया। इस मामले में आजाद ने ममन खां एनं दूसरे पक्ष ने आजाद मोहम्मद के अंगरक्षक के खिलाफ स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। फिलहाल कस्बे में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। दूसरी तरफ गांव पाडला शाहपुर में भी आजाद और ममन समर्थक शाम करीब तीन बजे भिड़ गए। इस दौरान ईवीएम मशीन तोड़ डाली गई। बाद में नई मशीन लगाने के बाद वोटिंग शुरू कराई गई। यहां करीब एक घंटे तक मतदान बाधित रहा। जबकि दोहा में इनेलो प्रत्याशी नसीम अहमद और आजाद मोहम्मद समर्थकों में झड़प हुई। यहां काफी देर तक पथराव भी हुआ जिसके बाद बूथ पर पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
पीपका के बूथ पर जनता ने किया पथराव पुलिस ने हवा में दागी गोली
गुड़गांव के सोहना विधानसभा के पीपाका गांव व पढेड़ी गांव के लोगों की ओर से मतदान के दो उम्मीदवार के लिए फर्जी मतदान कराने के प्रयास को लेकर मामला गंभीर हो गया। मौके पर पहुंची कमांडो की ओर से लाइन में कम उम्र के बच्चे को हटाने पर जनता भड़क गई।
गांव वालों की ओर से पुलिस के जवानों को खदेड़ दिया गया। जनता की ओर से पुलिस पार्टी पर पथराव किया गया। जिसके बाद वहां का माहौल देखते ही देखते बदल गया। बाद में पैरामिलीट्रीफोर्स के जवानों की ओर से हवा में गोली में चलायी गई। मौके पर पहुंचे नोडल अधिकारी ने मतदान व्यवस्था का जायजा लिया। गुड़गांव गांव में भी फर्जी मतदान को लेकर दो गुटों में झड़प हुई।
एक युवक को पकड़ कर आस-पास के लोगों ने जमकर पीटा। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। मोहम्मदपुर झाड़सा गांव बूथ के बाहर दो गुटों में मारपीट हुई। जिसमें पांच लोग घायल हुए।
फर्जी कॉल से दिन भर भटकती रही पुलिस
पुलिस कंट्रोल रुम में आयुक्त आलोक मित्तल ने डेरा डाल रखा था। दिन भर में पुलिस को 200 कॉल आई होगी। योजना के अनुसार तैनात की गई पुलिस पार्टी पांच मिनट से लेकर 10 मिनट में मौके पर पहुंच रही थी। पुलिस कंट्रोल रुम में आने वाले फोन व उस पर कार्रवाई के सुपर विजन की जिम्मेवारी एसीपी अपराध राजेश को दी गई थी।
फर्जी वोटों के खुलासे के बाद कड़ा पहरा
गुड़गांव के पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान फर्जी वोट डालने के मामले के खुलासे का इस चुनाव में साफ असर दिखा। संवेदनशील बूथों पर पुलिस का सख्त पहरा रहा। इसके चलते कई संवेदनशील बूथों पर मतदान पिछले साल के मुकाबले 40 फीसदी से भी कम रहा।
फर्जी वोटों के आरोपों से घिरे से निवर्तमान खेल राज्यमंत्री सुखबीर कटारिया के क्षेत्र में इस बार मतदान प्रतिशत कम रहा। यहां कई संवेदनशील बूथों पर पुलिस की कड़ी निगरानी रही। विपक्षी पार्टियों के समर्थक भी इन बूथों पर नजर रखे हुए थे। कई संदिग्ध मतदाताओं से पूछताछ भी की गई। बताया जा रहा है कि जिन बूथों में पिछले विधानसभा चुनाव में 98 फीसदी तक मतदान हुआ था, वहां इस बार यह महज 55 फीसदी रह गया।
मतदाता जागरूक मंच के महासचिव ओपी कटारिया ने बताया कि पिछले विधानसभा चुनाव में वोटों के फर्जीवाड़े के खुलासे में जिन बूथों का नाम आया था, वहां विशेष निगरानी रखी गई। यही कारण रहा कि गुड़गांव विधानसभा क्षेत्र के गुड़गांव गांव, शीतला माता कॉलोनी, अशोक विहार, राजीव नगर, भीमगढ़ खेड़ी, राजेंद्र पार्क समेत अन्य क्षेत्रों में इस बार औसतन 55 फीसदी मतदान रहा।