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ठगी का शिकार हुई नोएडा की महिला, हैकर्स ने बिना ओटीपी और पिन के निकाले लाखों
Tue, 21 Jan 2020 02:08 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोेएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोेएडा
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 21 Jan 2020 02:08 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
साइबर क्राइम को अंजाम देने वाले हैकर्स अब इतने हाईटेक हो गए हैं कि अब वो आपके कार्ड से बिना किसी ओटीपी और पिन के ही पैसे निकालने सक्षम हो गए हैं। ऐसी ही ठगी का शिकार हुई हैं नोएडा की रहने वाली नेहा चंद्रा।
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नेहा नए साल की छुट्टी बिताने पेरिस गई थीं जहां मेट्रो में सफर के दौरान उनका पर्स चोरी हो गया और महज 15 से 20 मिनट में उनके डेबिट और क्रेडिट कार्ड से हैकर्स ने बिना ओटीपी और पिन के 1.5 लाख रुपये चुरा लिए।
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उनके एचडीएफसी डेबिट कार्ड से हैकर्स ने 52,499.99 और 44,544.24 रुपये निकाले जबकि क्रेडिट कार्ड से 52,499.99 रुपये निकाले गए। इस पर नेहा ने तुरंत एचडीएफसी कस्टमर केयर विभाग में फोन कर अपने दोनों कार्ड ब्लॉक करवाए।
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पेशे ने एक पीआर कंपनी में काम करने वाली नेहा चंद्रा ने अपने साथ हुई इस धोखाधड़ी के संबंध में पेरिस में ही एक प्राथमिकी दर्ज करवाई।
एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए नेहा ने बताया कि उन्होंने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के दिशानिर्देशों के मुताबिक अपने साथ हुई इस धोखाधड़ी का पता चलते ही मैंने पहले ही घंटे में अपने दोनों कार्ड ब्लॉक करवा दिए और 12 घंटे के अंदर मैंने बैंक को सभी कागजी कार्रवाई भेज दी।
नेहा ने बताया कि आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार फर्जी ऑनलाइन ठगी के मामले में पीड़ित ग्राहक को बैंक 10 दिन के अंदर चोरी हुए पैसे लौटा देता है लेकिन मुझे अभी तक बैंक से कोई राशि प्राप्त नहीं हुई है। उलटे बैंक मुझसे एफआईआर की कॉपी को अंग्रेजी में ट्रांसलेट करने के लिए कह रहा है, जिसे ट्रांसलेट कराने में मुझे आठ हजार रुपये खर्ज करने पड़ रहे हैं।
उधर, एचडीएफसी बैंक ने अपनी सफाई दी है। बैंक के प्रवक्ता ने कहा कि वे मामले की जांच कर रहे हैं। ग्राहक का पैसा सुरक्षित है, जांच पूरी होने पर हम ग्राहक सूचित करेंगे।
बता दें कि नेहा अकेली नहीं हैं जिनके साथ विदेश में ऐसा हुआ है। आमतौर पर हैकर्स विदेशों में सैलानियों के अकाउंट से पैसे निकाल लेते हैं और देश लौटने पर इस तरह के मामलों को सुलझाना काफी मुश्किल हो जाता है।