फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Gurugram: Cracks also appeared in Chintels' secure towers.

Gurugram : चिंटेल्स के सुरक्षित टावरों में आईं दरारों से डरे हुए हैं लोग, 31 दिसंबर तक खाली करनी है रिहाइश

Wed, 27 Dec 2023 06:32 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 27 Dec 2023 06:32 AM IST
सार

आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट में सी और जे टावर सुरक्षित बताए गए हैं। अभी जे टावर की अंतिम रिपोर्ट का प्रशासन इंतजार कर रहा है। 

विज्ञापन
Gurugram: Cracks also appeared in Chintels' secure towers.
चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के टावर रहने के लिए असुरक्षित हैं। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गुरुग्राम के सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो के असुरक्षित टावरों को गिराने से पहले ही अब सुरक्षित टावरों की सीढ़ी, दीवार और टाइलों में दरारें दिखाई देने लगीं हैं। आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट में सी और जे टावर सुरक्षित बताए गए हैं। अभी जे टावर की अंतिम रिपोर्ट का प्रशासन इंतजार कर रहा है। प्राथमिक रिपोर्ट में इसे सुरक्षित करार दिया गया है। इस बीच असुरक्षित बताए गए पांच टावर डी,ई,एफ, जी और एच को खाली कराने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर नजदीक आ गई है। इसके बाद बिल्डर अपनी ओर से की गई किसी भी पहल में बदलाव न करने का लिखित प्रस्ताव दे चुका है। 

विज्ञापन


सुरक्षित टावरों में दरार आने के कारण सोसाइटी के लोगों में चिंता का माहौल है। सुरक्षित टावरों में कोई नुकसान न हो इसके लिए चिंटेल्स पैराडाइसो के लोग सुरक्षा बॉन्ड चाहते हैं। इसके लिए प्रशासन को लिखित पत्र सौंपने के लिए मंगलवार को एक बैठक की गई। बिल्डर पक्ष के जेएन यादव का कहना है कि इस मामले पर प्रशासन के सहयोग से बात हो चुकी है। आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट में यह टावर सुरक्षित हैं। 
विज्ञापन


दरार का काम केवल मेंटेनेंस का है। इसके अलावा पांच असुरक्षित टावरों को खाली कराने के लिए अब केवल छह परिवारों का इंतजार है। कुल आठ में से दो परिवार बिल्डर प्रपोजल के साथ अपना समझौता कर फ्लैट खाली कर चुके हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


असुरक्षित टावरों में हर दिन बढ़ रही चिंता 
सेक्टर 109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो के असुरक्षित पांच टावर डी,ई, एफ, जी और एच के टावरों में एलिवेटर से इमारत में कंपन पैदा हो रही है। इसके साथ ही पानी और कंक्रीट की टंकी का बोझ असुरक्षित टावरों के मुख्य पिलर पर है। टंकी की पानी भंडारण क्षमता दो लाख लीटर है। यह कुल 200 टन यानी दो लाख किलो भार के बराबर है। दिल्ली आईआईटी के अलावा टावर गिराने के लिए चुनी गई एडिफिस इंजीनियरिंग कंपनी ने भी अपनी रिपोर्ट में यह खुलासा किया है। उधर, बिल्डर और आरडब्ल्यूए के बीच वार्ता का कोई रास्ता नहीं निकल रहा है। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों पर असुरक्षा का बोझ बढ़ता ही जा रहा है। 

दो रुपये प्रति स्क्वायर फीट किराया बढ़ाने  की मांग कर रहे बचे हुए छह परिवार
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष राकेश हुड्डा ने बताया कि एक सप्ताह पहले हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बिल्डर पक्ष आठ परिवारों को फ्लैट खाली करने के लिए किराया देगा। अब यह एकमुश्त रकम होगी। इसके लिए प्रति स्क्वायर फीट 10 रुपये के हिसाब से छह माह का किराया देने का न्योता चिंटेल्स प्रतिनिधियों ने दिया था। अभी छह परिवार इस प्रपोजल में थोड़ा फेर बदल कर 10 रुपये की दर को बढ़ाकर 12 रुपये प्रति स्क्वायर फीट के अनुसार किराया भुगतान चाहते हैं।

चिंटेल्स पैराडाइसो के उपाध्यक्ष जेएन यादव ने बताया कि इस मामले में मैनेजमेंट से गुंजाइश की बात की गई। वह इंकार कर चुके हैं। अब असुरक्षित टावर में रहने वाले परिवारों को अपना मन बनाकर सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। बिल्डर ने हर प्रकार का आर्थिक भुगतान करने की पहले ही मंजूरी दे दी है। अब नई शर्त पर कोई विचार नहीं होगा। प्रशासन को इस बार में लिखित सूचना दे दी गई है। इन परिवारों को 31 दिसंबर तक घर खाली करना होगा। इसके बाद बिल्डर पक्ष दिए गए ऑफर भी देने के लिए बाध्य नहीं होगा। 


चिंटेल्स पैराडाइसो में प्रशासन अपनी भूमिका निभा रहा है। दोनों पक्षों को अब एक बात पर सहमत होते हुए मामले की संवेदनशीलता को समझना होगा। इसके लिए 31 दिसंबर तक का समय निर्धारित है।
- हितेश कुमार, एडीसी, गुरुग्राम

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed