विवाद के बाद पहली बार मीडिया के सामने आईं गुरमेहर, जानिए किसको दिया धन्यवाद
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शहीद कैप्टन मंदीप हैरी की बेटी गुरमेहर कौर बुधवार को लंबे इंतजार के बाद अर्बन इस्टेट स्थित कोटी से बाहर आई। वह सिर्फ इतना ही बोलीं कि जिन लोगों ने मुझे सपोर्ट किया, उनका धन्यवाद। अब मैं अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखना चाहती हूं, इसलिए दोबारा अपने इंस्टीट्यूट पढ़ने के लिए चली जाऊंगी। यह कहकर फिर कोठी के भीतर चली गई।
गुरमेहर अर्बन इस्टेट फेस टू जालंधर में कोठी नंबर 114 में रहती हैं। उनकी मां राजविंदर कौर आबकारी व कराधान विभाग की उच्च अधिकारी हैं। गुरमेहर कौर मंगलवार रात ही दिल्ली से जालंधर पहुंचीं। स्थानीय पुलिस की ओर से दो मुलाजिम उनकी सिक्योरिटी में तैनात कर दिए गए हैं।
दिन भर मीडियाकर्मी उनकी कोठी के बाहर इंतजार करते रहे। शाम करीब पांच बजे कोठी से एक अज्ञात महिला निकलीं, जिन्होंने कहा कि वे गुरमेहर कौर को बुलाएंगी, लेकिन एक सिर्फ एक मिनट के लिए। उनको बार बार परेशान न किया जाए।
गुरमेहर कौर तभी चंद सेकेंड के बाद कोठी से बाहर निकली, वह तनाव में नजर आ रही थीं। बाहर आते ही कहा कि जिन लोगों ने उनको सपोर्ट किया, उनका धन्यवाद। वह अब आगे की पढ़ाई जारी रखना चाहती हैं। पढ़ने के लिए वापस इंस्टीट्यूट चली जाएंगी। इतना कहकर किसी सवाल का जवाब दिए बिना वह कोठी में चली गईं।
डीसी से मिले कमलजीत, मांगी गुरमेहर के लिए सुरक्षा
गुरमेहर कौर के दादा कमलजीत सिंह बुधवार को सिख तालमेल कमेटी के सदस्यों के साथ डिप्टी कमिश्नर केके यादव के पास पहुंचे। उनके साथ तालमेल कमेटी के तजिंदर सिंह परदेसी और नीटू समेत कई पदाधिकारी थे।
इस दौरान तजिंदर सिंह परदेसी और नीटू ने डीसी से कहा कि गुरमेहर कौर की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। यहां पर कुछ दिन रहने के बाद उनको वापस दिल्ली जाना है, जहां उनकी सुरक्षा के सख्त बंदोबस्त किए जाएं। उन्होंने बताया कि एबीवीपी के गुर्गे उनको तंग परेशान कर रहे हैं।
सिख तालमेल कमेटी के सदस्यों ने कहा कि दिल्ली में बेशक मामला दर्ज हो चुका है, लेकिन गुरमेहर की सुरक्षा को यकीनी बनाया जाए। चाहे वह दिल्ली हो या जालंधर। डीसी केके यादव ने कहा कि पंजाब सरकार को लिखकर भेज दिया जाएगा।