गुड़गांव टू गुरुग्राम: एशिया के सबसे बड़े आईटी इनेबल्ड हब का नाम बदलने से मची हलचल
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प्रदेश सरकार द्वारा गुड़गांव का नाम गुरुग्राम करने के नोटिफिकेशन के साथ ही दुनिया भर के कारोबारी हेडक्वार्टर में हलचल शुरू हो गई है। नए ब्रांड नाम को कैसे लोगों के बीच स्थापित किया जाए इसे लेकर मंथन और रणनीति तैयार की जा रही है।
गुरुग्राम में अमेरिका से लेकर यूरोप तक की नामीगिरामी कंपनियों की भरमार है। यह एशिया का सबसे बड़ा आईटी इनेबल्ड हब है। यही कारण है कि नाम में बदलाव की गूंज दूर तलक सुनाई दे रही है।
कॉरपोरेट जगत शुरू से ही नाम में बदलाव का विरोध कर रहा था। क्योंकि अब इससे उसका खर्चा काफी बढ़ने लगा है। कुछ ऐसे भी लोग हैं जो बदले नाम का स्वागत कर रहे हैं। गुड़गांव एक वैश्विक शहर है जहां दुनिया भर की बड़ी कंपनियों के हेडक्वार्टर मौजूद हैं।
प्रदेश सरकार का नोटिफिकेशन जैसे ही आया वहां हलचल मच गई। हालांकि वहां इसे लेकर पहले से ही छोटे स्तर पर तैयारियां शुरू हो गईं थीं मगर अब इसमें तेजी आ गई है। हाइटेक इंडिया के अध्यक्ष प्रदीप यादव का कहना है कि आम लोगों की दृष्टि से नाम बदलना छोटी बात है।
मगर कॉरपोरेट, आईटी, बीपीओ व टेलीकॉम कंपनियों के लिए यह बड़ी मुसीबत से कम नहीं है। उन्हें नए नाम के साथ तालमेल बिठाने में करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ेंगे। अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन, स्वीटजरलैंड व जापान जैसे देशों में नए नाम को ब्रांड रूप में स्थापित करने के लिए लगातार कंाफ्रेंस आयोजित करना पड़ेगा। जिसमें लोगों को समझाना पड़ेगा कि गुरुग्राम कोई नया शहर नहीं बल्कि गुड़गांव ही है।
दुनिया के पहले ग्रामीण महिला बीपीओ के सीईओ अजय चतुर्वेदी का कहना है कि कंपनियों को अपने सभी टूल्स से पुराने नाम को हटा नए नाम को जोड़ना पड़ेगा। इसमें काफी समय लगने के साथ-साथ खर्च भी बढ़ेगा। अपने काम की आउटसोर्सिंग करने वाले क्लाइंट नए नाम को लेकर कई प्रकार से सवाल पूछेंगे।
इसके लिए उन्हें समझाना पड़ेगा। कुछ मिलाकार कॉरपोरेट, आईटी व बीपीओ सेक्टर को इस काम को प्राथमिकता के स्तर पर करना पड़ेगा। सरकारी विभागों में भी इसी प्रकार की कसरत होगी। गुड़गांव में आईटी, आईटी इनेबल्ड व टेलीकॉम सेक्टर की करीब 3400 कंपनियां हैं। इन सभी को नाम को लेकर काफी काम करना होगा।
कंपनियों को करनी होगी इस प्रकार की कसरत
-कंपनियों को अपनी वेबसाइट्स का नया डोमेन रजिस्टर्ड कराना पड़ेगा
-तमाम प्रकार के डॉक्यूमेंट में नाम बदलने की जरूरत
-कंपनियों को अपने सोशल साइट्स प्लेटफार्म पर नया नाम जोड़ना होगा
-ई-मेल एड्रेस में बदलाव
-टेलीकॉम कंपनियों नेटवर्क एडमिन बदलना होगा
-टेलीकॉम कंपनियों को टावरों के नाम में करना होगा बदलाव
-डिवाइस प्रोग्रामिंग में बदलाव
-डिवाइस आईटी भी बदलना पड़ेगा
-नेटवर्क कंपनियों को नेटवर्क नोड का नाम बदलना पड़ेगा
-डेटा सेंटरों की प्रोग्रामिंग में भी करना होगा बदलाव
ब्रांड बदलने से हर प्रकार की कंपनियों का खर्च बढ़ेगा। नए नाम को लोकप्रिय बनाना चुनौती होगी। गुड़गांव को गुरुग्राम के रूप में बदलने से आईटी सिस्टम व सभी प्रकार के डॉक्यूमेंट में बदलाव की जरूरत हो गई है। अब अगर यहां सुविधाओं और संसाधनों की स्थिति बेहतर होती है और लोगों को यहां सुरक्षित माहौल मिलता है तो यह काफी बेहतर हो सकता है।
-मानस फुलोरिया, एमडी नगारो
एशिया के सबसे बड़े आईटी इनेब्ल्ड मॉडल गुड़गांव के गुरुग्राम बनने से हर सेक्टर का खर्चा बढ़ने वाला है। आईटी, आईटी इनेबल्ड कंपनियों व टेलीकॉम सेक्टर के लिए स्थिति और भी कठिन हो गई है। ब्रांड नेम में में बदलाव से निवेशकों को आकर्षित करने के मार्ग में अड़चन आएगी। ...प्रदीप यादव, अध्यक्ष हाइटेक इंडिया
यह सभी को पता है कि यह गुरु द्रोणाचार्य की धरती है। गुड़गांव का नाम गुरुग्राम होना गौरव की ओर लौटना है। प्रदेश सरकार का यह निर्णय स्वागत योग्य है। ...उमेश अग्रवाल, भाजपा विधायक
नाम बदलने से कुछ नहीं होता। गुड़गांव को गुरुग्राम नाम देना पिछड़ेपन का संकेत है। पूरी दुनिया गुड़गांव को जानती है अब गुरुग्राम होने से दिक्कत बढ़ेगी। अगर यह नाम मुगलों या अंग्रेजों ने रखा होता तो बदलना ठीक होता। प्रदेश सरकार सिर्फ लोगों के ध्यान को भटकाने का काम कर रही है। ...अभय जैन, समाज सेवी
प्रदेश सरकार का यह निर्णय स्वागत योग्य है। यह एक ऐतिहासिक धरती है। यहीं पर गुरु द्रोणाचार्य ने पांडवों को शिक्षा दी है। नाम बदलने से किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए। -अमीना शेरवानी, महिला उद्यमी